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मंडलीय अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करते रहे मरीज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 05 Oct 2018 09:32 PM IST
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खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी
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वाराणसी के कबीरचौरा पर मंडलीय अस्पताल में तीन दिन पहले एक डॉक्टर और दो कर्मचारियों के साथ मारपीट के विरोध में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन अभी भी एक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
गुरुवार को तीन घंटे ओपीडी में हड़ताल के बाद शुक्रवार को भी यहां अघोषित हड़ताल जैसा नजारा रहा। घटना को लेकर शुक्रवार सुबह 9 बजे एक बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ ने भाग लिया। एक घंटे तक चली बैठक में घटना में अब तक हुई कार्रवाई पर चर्चा के बाद फरार एक अन्य आरोपी के तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
उधर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की बैठक के चलते मरीज और परिजन डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे। हालत यह रही कि ओपीडी हाल में 15 कमरों में से आधे से अधिक कमरों में डॉक्टर पहुंचे ही नहीं, इस वजह से कुछ मरीजों को वापस भी होना पड़ा।
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उधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. अरविंद सिंह का दावा है कि सुबह 8 बजे कुछ डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीज को देखा और सुबह 8 बजे से 9 बजे तक कुछ डॉक्टर वार्ड में राउंड पर थे। उन्होंने बताया कि सुबह 9 से 10 बजे तक बैठक चलने की वजह से ओपीडी बाधित रही लेकिन इसके बाद सभी चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीजों को देखा। किसी तरह की कोई हड़ताल नहीं थी।
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गुरुवार को तीन घंटे ओपीडी में हड़ताल के बाद शुक्रवार को भी यहां अघोषित हड़ताल जैसा नजारा रहा। घटना को लेकर शुक्रवार सुबह 9 बजे एक बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टॉफ ने भाग लिया। एक घंटे तक चली बैठक में घटना में अब तक हुई कार्रवाई पर चर्चा के बाद फरार एक अन्य आरोपी के तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई।
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उधर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की बैठक के चलते मरीज और परिजन डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे। हालत यह रही कि ओपीडी हाल में 15 कमरों में से आधे से अधिक कमरों में डॉक्टर पहुंचे ही नहीं, इस वजह से कुछ मरीजों को वापस भी होना पड़ा।
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उधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉ. अरविंद सिंह का दावा है कि सुबह 8 बजे कुछ डॉक्टरों ने ओपीडी में मरीज को देखा और सुबह 8 बजे से 9 बजे तक कुछ डॉक्टर वार्ड में राउंड पर थे। उन्होंने बताया कि सुबह 9 से 10 बजे तक बैठक चलने की वजह से ओपीडी बाधित रही लेकिन इसके बाद सभी चिकित्सकों ने ओपीडी में मरीजों को देखा। किसी तरह की कोई हड़ताल नहीं थी।
डॉक्टरों के साथ मारपीट के विरोध में उतरा आईएमए
15 कमरों में से आधे से अधिक कमरों में डॉक्टर पहुंचे
- फोटो : amar ujala
जिले में आए दिन डॉक्टर के साथ मारपीट की बढ़ती घटनाओं का आईएमए ने विरोध शुरू कर दिया है। पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़ा करते हुए इसकी शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव समेत अन्य अधिकारियों से की गई है।
आईएमए की सचिव डॉ. मनीषा सिंह ने पत्र के माध्यम से बताया है कि घटनाएं बढ़ती जा रही हैं लेकिन पुलिस का सकारात्मक सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने हर माह के दूसरे रविवार को जिला, पुलिस प्रशासन के साथ चिकित्सकों के साथ संवाद करने, सुरक्षा समिति के गठन करने आदि की मांग की है।
आईएमए की सचिव डॉ. मनीषा सिंह ने पत्र के माध्यम से बताया है कि घटनाएं बढ़ती जा रही हैं लेकिन पुलिस का सकारात्मक सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने हर माह के दूसरे रविवार को जिला, पुलिस प्रशासन के साथ चिकित्सकों के साथ संवाद करने, सुरक्षा समिति के गठन करने आदि की मांग की है।