फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Past Chapter Durvasa made furrow

अतीत का अध्याय बना दुर्वासा कुंड

Fri, 17 Jun 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी Updated Fri, 17 Jun 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
Past Chapter Durvasa made furrow
durvasha kund
काशी में सनातनधर्मियों की आस्था का केंद्र रहा दुर्वासा कुंड अब अतीत बन गया है। कुंड का तो नामोनिशान मिट चुका है। कुछ लोगों ने कुंड ही बेच दिया। फिर इसे पाटकर बस्ती बसा दी गई। अब इस कुंड की सिर्फ स्मृतियां ही रह गई हैं। दुर्वासा आश्रम में कुछ संत और बटुक अब भी वेद अध्ययन करने के साथ ही भजन-कीर्तन करते हैं। 
विज्ञापन



धूपचंडी मुहल्ले में दुर्वासा कुंड तीन दशक पहले तक आबाद था। इस कुंड में पक्की सीढ़ियां थीं। संत और भक्त स्नान करते थे और भगवान नरसिंह की आराधना के लिए भीड़ लगती थी। दंत कथाओं के अनुसार कभी दुर्वासा ऋषि ने काशी में घोर तप कर भक्तों की रक्षा के लिए भगवान नरसिंह को प्रगट किया था। दुर्वासा ऋषि ने ही मां गौरी के रूप में दस महाविद्याओं में से एक मां धूमावती को प्रसन्न किया था। नरसिंह टीले के पास ही धूमावती माता का दरबार है, जहां भक्तों की भीड़ लगी रहती है। 
विज्ञापन



कहा जाता है कि दुर्वासा ऋषि के आश्रम में उस दौर में 16 हजार से अधिक संत रहते थे। इन संतों के लिए दुर्वासा ऋषि ने विशाल कुंड भी खुदवाया था। उसी कुंड को दुर्वासा कुंड के नाम से जानते हैं। इस कुंड को बाद में मल्लाहों को मछली पालने के लिए पट्टे पर दे दिया गया था। जिन मल्लाहों को आजीविका चलाने के लिए पट्टा किया गया था, उन्होंने ही बाद में इसे कुछ लोगों के हाथ बेच दिया। इसके बाद कुंड को पाटकर उस पर कॉलोनी बसा दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन



इस कुंड पर अब चार से अधिक गलियां हैं, दो सौ से अधिक मकान बन गए हैं। कुछ बचे हुए हिस्से को भी लोगों ने घेर लिया है। कभी दुर्वासा कुंड के जल के सेवन से बीमारियां दूर होती थीं। त्वचा संबंधी रोग दूर हो जाते थे लेकिन अब उस कुंड का नामोनिशान तक नहीं बचा है। सिर्फ प्रतीक के तौर पर दुर्वासा आश्रम रह गया है लेकिन उस पर भी कब्जे को लेकर जब-तब विवाद छिड़ा रहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed