वीडीए की सीमा में नक्शा पास कराना हुआ महंगा, कैबिनेट की बैठक में विकास शुल्क की दरें बढ़ी
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कैबिनेट से पास होने के बाद वाराणसी में भी विकास शुल्क अब महंगा हो गया है। वीडीए की सीमा में नक्शा पास कराना महंगा होगा। इससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा। यही नहीं बिल्डर्स पर भी असर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में घर बनवाने का सपना देखने वालों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगी। उधर रेलवे की जमीनों पर किसी तरह के निर्माण के लिए भू उपयोग बदलवाने की बाध्यता भी सरकार ने समाप्त कर दी है। इससे रेलवे को कंवर्जन चार्ज नहीं देना होगा।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन की जमीन समेत अन्य स्थानों पर निर्माण कराने में यह प्रावधान आड़े आ रहा था। इसके लिए आवास विभाग को एक प्रस्ताव भेजा गया, जिस पर विभाग ने अधिनियम में भू-उपयोग परिवर्तन की बाध्यता से छूट दिए जाने के प्रावधान को संशोधित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा था। अब कैबिनेट की मंजूरी से रेलवे द्वारा अपने जमीन पर व्यावसायिक निर्माण कराने पर उस क्षेत्र में वाह्य अवस्थापना सुविधाओं व यातायात का दबाव बढ़ेगा। इसलिए नियमानुसार वाह्य विकास शुल्क देना होगा।
वीडीए उपाध्यक्ष राहुल पांडेय ने बताया कि पिछली दो वीडीए बोर्ड की बैठकों में विकास शुल्क बढ़ाया गया है। इस समय 1157 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क लिया जा रहा है। लखनऊ में हुई बैठक के बाद कोई आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। कोई कागजात आने के बाद ही स्पष्ट कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाकी बड़े शहरों की अपेक्षा अपने यहां विकास शुल्क की दर कम है। लखनऊ आदि इलाकों में 2000 रुपये के आसपास विकास शुल्क है। वाराणसी बिल्डर्स एंड डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज डिडवानिया ने कहा कि विकास शुल्क में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी से आम जनता और बिल्डर्स पर बोझ बढ़ेगा। कोरोना काल को देखते हुए इस समय इसे नहीं बढ़ाना चाहिए। जहां पहले 1000 रुपये प्रति वर्ग मीटर देना होता था। वहां अब 1200 रुपये देना होगा।