Varanasi Junction: एनएसजी-1 कैटेगरी का स्टेशन, कमाई 743 करोड़, फिर भी सुविधा ‘पानी’ में
Varanasi News: एनएसजी-1 कैटेगरी में शामिल कैंट रेलवे स्टेशन पर बारिश में सुविधाएं पानी में हैं। वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के मुख्य भवन के बाहर लगातार जलभराव के बीच यात्री गुजरते हैं।
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बारिश के बीच एनएसजी-1 कैटेगरी में शामिल कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधा पानी में है। 743 करोड़ रुपये की कमाई करने वाले कैंट स्टेशन स्थित मुख्य भवन के पोर्च एरिया में रेलिंग के पास जलभराव के बीच रोजाना एक लाख यात्रियों की आवाजाही हो रही है। तमगा जरूर एनएसजी-1 का है लेकिन कैंट स्टेशन पर सुविधाएं उस लायक नहीं हैं।
इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही के चलते महिलाएं व बुजुर्ग यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के बीच आवाजाही करने को यात्री विवश हैं। कोच रेस्टोरेंट के पीछे से यात्री आश्रय स्थित टिकट घर तक आवाजाही में यात्री फिसलकर गिर रहे हैं।
कैंट स्टेशन पर रोजाना एक लाख यात्री आवाजाही करते हैं। टिकट घर तक भी पहुंचना यात्रियों के लिए आसान नहीं हैं। उत्तर रेलवे के वाराणसी कैंट स्टेशन के मुख्य द्वार पर पोर्च के बाहर ही रेलिंग के पास जलभराव के चलते देश के कोने-कोने से आवाजाही करने वाले पर्यटकों, यात्रियों को दिक्कतें हो रही है। रोजाना यात्री फिसलकर गिर भी रहे हैं।
वंदे भारत समेत अन्य प्रमुख ट्रेनों से वीआईपी समेत आम यात्रियों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ रहा है। आवाजाही करने वाले यात्री मुख्य द्वार के पोर्च एरिया में ही दूर तक जलभराव के बीच यात्रियों को गुजरना पड़ रहा है। सार्वजनिक शौचालयों की भी स्थिति ठीक नहीं है। शुक्रवार की दोपहर द्वितीय यात्री हाल के शौचालय में भारी गंदगी रही। वाश बेसिन ओवरलोड और यूरिनल गंदगी से पटे रहे। वहीं, दिव्यांग शौचालय में सामान्य यात्रियों को भेजा जा रहा है।
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त्योहारी सीजन के दौरान डीलक्स यात्री हॉल में संचालित तीन एटीवीएम खराब है। सिर्फ एक एटीवीएम काम कर रहा है। वहीं, जनरल कांउटर पर यात्रियों की लंबी लाइन लग रही है। जब तक यात्री टिकट लेकर बाहर निकल रहे हैं, तब पता चल रहा है कि प्लेटफॉर्म से ट्रेनें जा चुकी हैं।
कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से लेकर नौ तक संचालित खानपान स्टॉल और कैंटीन, फूड कोर्ट के बाहर अतिक्रमण भी है। बोतलबंद पानी की पेटियां तो कोई अपना अलग-अलग माल रखकर अतिक्रमण किया हुआ है। प्लेटफॉर्म संख्या एक पर संचालित फूड कोर्ट की पानी की पेटियां द्वितीय हॉल के अंदर तक रखी गईं। प्लेटफॉर्म संख्या नौ के पास संचालित कैंटीन के बाहर भी अतिक्रमण किया गया है। तमाम सीसी कैमरे होने के बावजूद जिम्मेदार रेल अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं।