National Space Day: हमले और सुरक्षा के लिए नहीं, संचार के लिए है स्पेस तकनीक; बीएचयू में स्पेस तकनीक पर चर्चा
National Space Day 2025: बीएचयू में वक्ताओं ने स्पेस तकनीक पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान डॉ. रमनगौड़ा ने कहा कि भारत में अंतरिक्ष तकनीक का विकास हमला या सुरक्षा के उद्देश्य से नहीं बल्कि संचार और प्रसारण के उद्देश्य से किया गया था।
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पेस तकनीक पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य वक्ता यूआर राव उपग्रह केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रमनगौड़ा ने कहा कि भारत में अंतरिक्ष तकनीक का विकास हमला या सुरक्षा के उद्देश्य से नहीं बल्कि संचार और प्रसारण के उद्देश्य से किया गया था।
अंतरिक्ष तकनीक का बाजार लगभग 40 लाख करोड़ रुपये और तीन करोड़ रोजगार का है। बीएचयू भू भौतिकी विभाग की ओर से यूआर राव उपग्रह केंद्र और बंगलूरू के इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स सिस्टम प्रयोगशाला के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. रमन गौड़ा ने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक हर क्षेत्र के प्रतिभावान लोगों की मदद से ही अग्रसर होगी।
बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इसरो की टीम को उनकी उपलब्धियों के अलावा विद्यालयों के विद्यार्थियों तक पहुंचने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जितना अधिक बच्चों और युवाओं को प्रेरित किया जाएगा, उतना ही अधिक प्रतिभाएं अंतरिक्ष तकनीकी के क्षेत्र में कदम बढ़ाएंगी।
राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रयागराज के शिक्षक हिमांशु मौर्या ने कहा कि विकसित और सफल राष्ट्र के लिए स्वदेशी और उन्नत तकनीक जरूरी है। मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी, इसरो के निदेशक पंकज डी किलेदार ने कहा कि सेंटर अब तक 34 देशों के 438 उपग्रहों को लॉन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।
इसरो के ह्यूमन स्पेस फ्लाइट सेंटर के निदेशक डीके सिंह ने स्पेस सिस्टम के बारे में बारीकी से जानकारी दी। यूआर राव उपग्रह केंद्र के प्रोग्राम निदेशक जसविंद सिंह खोरल ने कहा कि इंसान जब कभी चंद्रमा पर जाएगा तो वो ध्रुवीय क्षेत्र में ही जाएगा। इस दौरान प्रो. ज्ञान प्रकाश सिंह, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, शशांक एस, प्रो. अभय कुमार सिंह मौजूद रहे।