फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Up election 2022 azamgarh phoolpur vidhan sabha ramakant yadav dominance always after many party change

यूपी चुनाव: आजमगढ़ की फूलपुर सीट पर रमाकांत का दबदबा, बार-बार पार्टी बदलने के बाद भी मिलती रही जीत

Mon, 17 Jan 2022 03:59 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 17 Jan 2022 03:59 PM IST
सार

आजमगढ़ जिले की  फूलपुर के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो यहां 17 विधानसभा चुनाव व उपचुनाव में से छह बार रमाकांत यादव परिवार का कब्जा रहा है। 1980 में यहां से कांग्रेस के अब्दुल कलाम विधायक चुने गए।

विज्ञापन
Up election 2022 azamgarh phoolpur vidhan sabha ramakant yadav dominance always after many party change
रमाकांत यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले विधानसभा चुनाव में आजमगढ़ जिले की 10 सीटों पर खाता खोलने तक को तरस गई कांग्रेस को फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में किसी ने तरसा दिया तो वह पूर्व सांसद रमाकांत यादव रहे हैं। उन्होंने खुद तो चार बार वहां की सीट जीती ही थी, 2007 के चुनाव में उनके पुत्र अरुण यादव ने इस सीट पर मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल और तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश को हरा कर कब्जा किया था। इसके बाद से यह सीट इसी परिवार के इर्द गिर्द ही झूलती रही है।

विज्ञापन


फूलपुर के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो यहां 17 विधानसभा चुनाव व उपचुनाव में से छह बार रमाकांत यादव परिवार का कब्जा रहा है। 1980 में यहां से कांग्रेस के अब्दुल कलाम विधायक चुने गए। उसके बाद से लगातार चार बार यहां से जीत के लिए कांग्रेस तरस गई।
विज्ञापन


1985 में रमाकांत पहली बार बने विधायक
इस दौरान 1985 में कांग्रेस की टिकट पर रमाकांत यादव ने जीत का जो परचम लहराया। उसके बाद पीछे मुड़ कर नहीं देखा। हालांकि उन्होंने जीत की राह तय करने के लिए पार्टी बदलने में भी कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई और अतीत की पार्टियों को विस्मृत कर नित नई पार्टियों को गले लगाते गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

बता दें कांग्रेस के बाद रमाकांत यादव 1989 में बसपा के टिकट पर, 1991 में सजपा के टिकट पर और 1993 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए। इसके बाद उन्होंने फूलपुर की राजनीतिक विरासत अपनी पत्नी रंजना यादव को सौंप दी और खुद सदर सीट पर संसदीय राजनीति शुरू की और यहां भी सफल रहे। लेकिन फूलपुर मेें उनका यह प्रयोग विफल साबित हुआ।

1996 और 2002 में यहां कांग्रेस के टिकट पर पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव ने रमाकांत यादव की पत्नी रंजना यादव को हरा दिया। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री अपनी इस सफलता को बरकरार नहीं रख सके और अंतत: 2007 के चुनाव में रमाकांत यादव के पुत्र अरुण यादव के हाथों रामनरेश यादव को हार का सामना करना पड़ा।

यह संयोग ही है कि 2012 के चुनाव में रामनरेश यादव के पुत्र अजय नरेश कांग्रेस के टिकट पर और रमाकांत यादव के भतीजे वीरेंद्र यादव की लड़ाई में सपा के श्याम बहादुर यादव ने बाजी मारी और विधायक बने। इसके बाद फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में रमाकांत यादव के पुत्र अरुण कांत यादव भाजपा के टिकट पर सपा के श्याम बहादुर यादव को हराकर विधायक बने। वर्तमान में यह सीट रमाकांत यादव के परिवार में ही है।

फूलपुर में अब तक चुने गए विधायक और उनकी पार्टी

वर्ष विधायक पार्टी
1977 पदमाकर जेएनपी
1980 अब्दुल कलाब कांग्रेस
1985 रमाकांत आईसीजे
1989 रमाकांत बसपा
1991 रमाकांत सजपा
1993 रमाकांत सपा
1996 रामनरेश कांग्रेस
2002 रामनरेश कांग्रेस
2007 अरुण कांत सपा
2012 श्याम बहादुर सपा
2017 अरुण कांत भाजपा

लाल मिर्च की खेती के लिए प्रसिद्ध है फूलपुर क्षेत्र

Up election 2022 azamgarh phoolpur vidhan sabha ramakant yadav dominance always after many party change
लाल मिर्च - फोटो : pixabay

 फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र में किसान बड़े पैमाने पर लाल सोना की खेती करते हैं। यहां से लाल मिर्च का देश के अन्य हिस्सों में भी निर्यात किया जाता है। क्षेत्र में लगभग 2000 हेक्टेयर में किसान लाल मिर्च की खेती करते हैं। क्षेत्र के किसान लाल मिर्च की खेती से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हैं।

फूलपुर स्थित मिर्चा मंडी में दूर-दूर से व्यापारी आकर लाल मिर्च की खरीद करते हैं। कुछ कारोबारी किसानों के खेतों से सीधे खरीदारी करते हैं। इसके अलावा क्षेत्र के किसान धान और गेहूं की खेती भी बड़े पैमाने पर करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed