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स्वच्छता कार्यों से संसदीय टीम असंतुष्ट, कहा- महात्म्य न बताएं, गंगा की सफाई में तेजी लाएं

Thu, 06 Dec 2018 01:19 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 06 Dec 2018 01:19 PM IST
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Parliamentary team unsatisfied to cleanliness work in ganga
संसदीय टीम - फोटो : amar ujala
गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हो रहे कामों से संसदीय टीम असंतुष्ट नजर आई। वाराणसी के मंडलायुक्त सभागार में गंगा स्वच्छता अभियान और नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा के दौरान समिति सदस्यों ने कहा कि गंगा का महात्म्य बताने की जरूरत नहीं है। परियोजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं हैं। गंगा की सफाई के कार्यों में और तेजी लाने की जरूरत है।
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प्रस्तावित योजनाओं पर संतोषजनक काम नहीं होने पर समिति ने सवाल उठाएं और पूछताछ की। हालांकि अधिकारी जवाब नहीं पाए। सांसदों के दल ने सारनाथ में पुरातत्व खंडहर परिसर और संग्रहालय के पुरातात्विक अवशेष संग मूलगंध कुटी विहार को भी देखा। यहां अधीक्षण पुरातत्व विद् डा. नीरज सिन्हा ने जानकारी दी।
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गंगा स्वच्छता अभियान और नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा के लिए वाराणसी पहुंची विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं वन विभाग की आठ सदस्यीय संसदीय समिति ने बुधवार को तीन नावों पर सवार होकर दशाश्वमेध से अस्सी घाट तक की व्यवस्था देखी। नगर निगम और प्रशासन के अफसरों ने सफाई और व्यवस्था के अलावा घाटों की प्राचीनता की जानकारी भी ली।
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समिति ने परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर असंतोष जताया। साथ ही गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जल्द तैयार करने से लेकर डीजल बोट पर रोक का सुझाव भी दिया। इसके अलावा अलग-अलग विभागों की ओर से गंगा स्वच्छता और घाटों के सौंदर्यीकरण पर कराए जा रहे कामों की समीक्षा भी की। 

लेट लतीफी के कारण नहीं दिख रहे सार्थक परिणाम 

Parliamentary team unsatisfied to cleanliness work in ganga
काशी में संसदीय टीम - फोटो : amar ujala
मंडलायुक्त सभागार में संसदीय समिति के समक्ष वाराणसी में गंगा सफाई के लिए किए गए कामों और प्रयासों का पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन दिया गया। इसमें शहर के मल जल को रोकने के लिए बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्कीमर, पॉलीथिन पर प्रतिबंध, घाटों की स्वच्छता के लिए चलाए रहे अभियान की जानकारी दी गई।

समिति के सदस्यों ने कहा कि परियोजनाओं के पूरा होने पर सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। परियोजनाओं की लेट लतीफी के कारण ही गंगा सफाई को लेकर सार्थक परिणाम नहीं दिख रहे हैं। टीम में समिति के अध्यक्ष आनंद शर्मा, विक्रम उसेंदी, प्रसन्ना आचार्य, एसआर बालासुब्रमण्यम, बसंती एम, पीपी चौहार, दद्दन मिश्रा और ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।

उधर, अधिकारियों ने समिति को बताया कि अस्सी और वरुणा के जल को फिल्टर कर गंगा में विलय की योजना पर काम चल रहा है। इसके अलावा शाही नाला, घाटों पर काम सहित प्रस्तावित योजनाओं की फिर से फाइल भेजने को कहा। अब तक किए गए प्रयास के बारे में भी पूछा।
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