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Varanasi News: गर्मी कम होते ही पराग की बढ़ी दूध प्रोसेसिंग क्षमता, एक लाख लीटर हुई आवक
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वाराणसी। तापमान कम होते ही पराग डेयरी में दूध की क्षमता बढ़ गई है। दो लाख लीटर तरल दूध प्रोसेसिंग क्षमता वाले डेयरी में अब एक लाख लीटर की आवक हो गई है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अधिग्रहण के बाद पहली बार एक लाख लीटर दूध की आवक हुई। दो माह पहले पराग का उत्पादन 75 हजार लीटर था। बीते मई और जून की गर्मी में 10 हजार लीटर की क्षमता प्रभावित हुई थी।
पराग डेयरी के निदेशक राजेंद्र सहगल ने बताया कि मौसम में बदलाव होते ही आवक पर नियंत्रण कर एक लाख लीटर के करीब रोजाना प्रोसेसिंग शुरू हो गई है। बीते दो साल पहले इस प्लांट में प्रतिदिन 18 हजार लीटर दूध की आवक थी। एनडीडीबी ने जब प्लांट टेकओवर किया तो इसकी क्षमता शुरुआत में 20 हजार हुई। इसके बाद धीरे धीरे निष्क्रिय समितियों को सक्रिय कर आवक की क्षमता पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत बढ़ा दी गई।
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एक नजर में प्लाट की क्षमता
प्लांट की क्षमता कुल 4 लाख लीटर
दो लाख लीटर तरल
दो लाख लीटर पाउडर
300 समितियों के सहयोग से दूध की आवक
छह जिले गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही और वाराणसी के किसान जुड़े हैं।
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पराग डेयरी के निदेशक राजेंद्र सहगल ने बताया कि मौसम में बदलाव होते ही आवक पर नियंत्रण कर एक लाख लीटर के करीब रोजाना प्रोसेसिंग शुरू हो गई है। बीते दो साल पहले इस प्लांट में प्रतिदिन 18 हजार लीटर दूध की आवक थी। एनडीडीबी ने जब प्लांट टेकओवर किया तो इसकी क्षमता शुरुआत में 20 हजार हुई। इसके बाद धीरे धीरे निष्क्रिय समितियों को सक्रिय कर आवक की क्षमता पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत बढ़ा दी गई।
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एक नजर में प्लाट की क्षमता
प्लांट की क्षमता कुल 4 लाख लीटर
दो लाख लीटर तरल
दो लाख लीटर पाउडर
300 समितियों के सहयोग से दूध की आवक
छह जिले गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही और वाराणसी के किसान जुड़े हैं।