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काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष बने प्रो. वशिष्ठ: बोले- हिंदू संस्कृति के संरक्षण के लिए देशभर में चलाएंगे अभियान

Thu, 06 Oct 2022 10:43 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 06 Oct 2022 10:43 PM IST
सार

पद्मभूषण से सम्मानित संस्कृत के प्रख्यात विद्वान प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी को श्रीकाशी विद्वत परिषद का नया अध्यक्ष बनाया गया है। विद्वत परिषद की प्रबंध समिति की कार्यकारिणी आमसभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रो. त्रिपाठी को नौवें अध्यक्ष के लिए चुना गया। 

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Padma Bhushan honored Prof Vashisht Tripathi will  new President of Shrikashi Vidvat Parishad
संस्कृत के प्रख्यात विद्वान प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी (दायें) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पद की कमान पद्मभूषण प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने संभाली। बृहस्पतिवार को विद्वत परिषद की प्रबंध समिति की कार्यकारिणी आमसभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रो. त्रिपाठी को नौवें अध्यक्ष के लिए चुना गया। पद्मश्री प्रो. रामयत्न शुक्ल के निधन के बाद से अध्यक्ष का पद रिक्त चल रहा था।

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गुरुवार को श्री काशी विद्वत परिषद के प्रबंध समिति की कार्यकारिणी आमसभा की बैठक दीनदयाल नगर स्थित गुुरु कार्षिणी विद्याभवन में हुई। वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र पांडेय ने प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी के नाम का प्रस्ताव रखा। सभी सदस्यों ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ सर्वसम्मति से इस पर मुहर लगा दी।

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प्रो. त्रिपाठी का शंख से जलाभिषेक

वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ के साथ प्रो. त्रिपाठी का शंख से जलाभिषेक करने के बाद अध्यक्ष पद पर चयन की प्रक्रिया को पूर्ण किया गया। काशी विद्वत परिषद के नए अध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने कहा कि आप सभी ने मिलकर जो दायित्व सौंपा है उसका पालन करूंगा।

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राष्ट्रीय चेतना मूलक योजनाओं को लागू करना तथा देशभर में एक अभियान चलाकर हिंदू संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में काशी विद्वत परिषद की भूमिका मार्गदर्शक की तरह रहेगी। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी के नाम पर विधिवत घोषणा करते हुए सभी विद्वानों का आभार जताया।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि परिषद भारतीय संस्कृति के संरक्षण संवर्धन में नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। इस दौरान प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो. विनय कुमार पांडेय, प्रो. सदाशिव द्विवेदी, पं. दीपक मालवीय आदि मौजूद रहे।

न्याय शास्त्र के हैं विद्वान, सेवानिवृत्ति के बाद भी कर रहे ज्ञानदान

Padma Bhushan honored Prof Vashisht Tripathi will  new President of Shrikashi Vidvat Parishad
संस्कृत के प्रख्यात विद्वान प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी - फोटो : अमर उजाला

काशी विद्वत परिषद के नए अध्यक्ष पद्मभूषण प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी न्याय शास्त्र के विद्वान हैं। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से पूर्व प्रतिकुलपति पद से सेवानिवृत्त होने के 21 साल बाद भी वह ज्ञान दान कर रहे हैं। उनकी शिष्य परंपरा की कड़ी भी बेहद समृद्ध है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी समेत पूर्व कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल समेत देश भर के संस्कृत विद्वान और महामंडलेश्वर ने उनसे शिक्षा ग्रहण की है।

मूलत: देवरिया के रहने वाले प्रो. त्रिपाठी राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित हैं। उन्होंने 1961 में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से आचार्य की उपाधि हासिल की थी और उस समय वह न्याय विद्या से आचार्य करने वाले एकमात्र छात्र थे। 1961 से ही उन्होंने आदर्श श्री सांगब्रह्माविद्यासंस्कृत महाविद्यालय में सह प्राचार्य पद पर अध्यापन शुरू किया।

इसके बाद 1966 से 1970 तक प्राच्यविद्या धर्म विज्ञान संकाय बीएचयू में न्याय प्रवक्ता के पद पर नियुक्त हुए। गोयनका संस्कृत महाविद्यालय में दर्शन विभागाध्यक्ष के पद पर 1970 से 1979 तक रहे। इसके बाद संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 1989 से 2001 तक विभिन्न पदों पर रहे और प्रतिकुलपति पद से 2001 में सेवानिवृत्त हुए। 2004 में सरकार ने उन्हें राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित किया।
 

पं. शिव कुमार शास्त्री थे पहले अध्यक्ष

श्री काशी विद्वत परिषद के पहले अध्यक्ष पं. शिव कुमार शास्त्री थे। इसके बाद पं. सत्यनारायण शास्त्री, पं. राजनारायण शुक्ल, पं. निरीक्षणपति मिश्र, पं. केदारनाथ त्रिपाठी, पं. लालबिहारी वैद्य, अभिनव पाणिनी पं. रामप्रसाद त्रिपाठी और पद्मश्री पं. रामयत्न शुक्ल अध्यक्ष रहे।
 

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