कर्मनाशा पुल के पिलर टूटने से थम गई बिहार और यूपी के व्यापार की रफ्तार
नेशनल हाईवे-2 पर नौबतपुर के पास कर्मनाशा नदी पर बने पुल पर आवागमन ठप होने से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले तीन दिनों से व्यापारियों के माल लदे भारी वाहन हाईवे पर जहां-तहां फंस गए हैं। सबसे अधिक असर फल-सब्जी व खाद्यान्न कारोबारियों पर पड़ा है। ट्रकों पर लदे फल और सब्जियाें के खराब होने का डर व्यापारियों को सताने लगा है।
इस समय नवगछिया, भागलपुर और पश्चिम बंगाल से केले का खेप पहड़िया मंडी में पहुंचता है। वहीं सेव, संतरा और अनार बिहार और बंगाल भेजा जाता है। आलू की बड़ी खेप पहड़िया मंडी से व्यापारी बिहार भेजते हैं, लेकिन पुल बंद होने से मंडी के व्यापारी लाचार हैं। शनिवार के बाद से पहड़िया मंडी में केला की आवक ठप है। यही नहीं, पश्चिम यूपी से आने वाला आलू भी 40 से 50 ट्रक बिहार-बंगाल भेजा जाता है लेकिन पुल बंद होने के कारण वाहन मालिक माल भेजने में असमर्थता जता रहे हैं। बंगाल से आने वाला परवल भी सब्जी मंडियों से गायब है।
व्यापारियों को नहीं मिल रहा आर्डर
पूर्वांचल की सबसे बड़ी विशेश्वरगंज मंडी से माल बिहार तक जाता है। दाल, गेहूं सहित अन्य माल का आर्डर पिछले दो-तीन दिनों से व्यापारियों को नहीं मिल पा रहा है। कुछ व्यापारियों का माल बीच रास्ते में भी फंसा हुआ है। विशेश्वरगंज मंडी में करीब 40 फीसदी व्यापारियों का आर्डर बिहार का होता है।
बालू के दाम हो गए दोगुना
चंदौली के नौबतपुर में कर्मनाशा पुल का पिलर क्षतिग्रस्त होने के बाद बिहार से आने वाला लाल बालू भी महंगा हो गया है। 150 किमी से अधिक दूरी तय करके वाराणसी पहुंचने वाले 14 चक्का वाले वाहन का रेट अब 57 हजार से बढ़कर 70 हजार तक पहुंच गया है। यही नहीं, कर्मनाशा और डिहरी से आने वाला बालू पहले 4500 रुपये ट्रैक्टर था, जो इस समय 7 से 8 हजार रुपये प्रति ट्रैक्टर हो गया है।