कोरोना से जंग: ऑक्सीजन के लिए आत्मनिर्भर बनेगा बनारस, अस्पताल खुद बनाएंगे ऑक्सीजन प्लांट
आने वाले सप्ताह भर में शहर के विभिन्न अस्पतालों में खुद का होगा ऑक्सीजन प्लांट।
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत से झेल चुके बनारस में अब ऑक्सीजन की कमी नहीं रह जाएगी। ऑक्सीजन के क्षेत्र में बनारस अब आत्मनिर्भर की ओर अग्रसर है। अधिकतर अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुके हैं तो कुछ में स्थापित करने की प्रक्रियाएं चल रही हैं।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में 610 एलएमपी का 120 बेड का प्लांट शहर के उद्योगपति आरके चौधरी द्वारा एक करोड़ रुपये की लागत से लगाकर चालू कर दिया गया है। लालबहादुर शास्त्री राजकीय अस्पताल रामनगर में 120 एलएमपी का 25 बेड का प्लांट अमेरिका की एक सामाजिक संस्था से सीएसआर में प्राप्त हुआ है। दो दिन में यहां भी प्लांट चालू हो जाएगा। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के लिए 960 एलएमपी का 200 बेड का प्लांट इंडियन ऑयल कारपोरेशन द्वारा सीएसआर फंड से दिया गया है।
ये प्लांट कुछ दिनों में कोयंबटूर से चलेगा और आने वाले 3 सप्ताह में चालू होगा। ईएसआईसी अस्पताल पांडेयपुर के लिए एक बड़ी भारतीय एमएनसी के द्वारा दो प्लांट, 250 एलएमपी और 610 एलएमपी के फंड करके आर्डर दे दिए गए हैं। छोटा प्लांट एक सप्ताह और बड़ा प्लांट एक महीने में प्राप्त हो कर इंस्टॉल हो जाएगा। बरेका के केंद्रीय अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट को लगवाने के लिए कानपुर की एक कंपनी सामने आई है।
इनके मालिक सोम गोयनका और उनके पुत्र सुदीप गोयनका ने इस नेक कार्य के लिए मात्र एक दिन में निर्णय ले कर पांच दिन पूर्व 88 लाख का भुगतान जमा करा कर 610 एलएमपी प्लांट का ऑर्डर दे दिया है। यह प्लांट एक महीने में इंस्टॉल हो जाएगा। इससे अस्पताल के 120 बेड पर ऑक्सीजन मिलेगी।
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज चौकाघाट के 120 बेड के अस्पताल के वार्ड में ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं है। इसके लिए भी सीएसआर के अंतर्गत कोशिश जारी है। वहीं यहां पर भी प्लांट लगाने के लिए दो कंपनियों से बात चल रही है।
भविष्य के लिए नहीं होगी दिक्कत
बीएचयू और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में पहले से ही लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं और वे बाहरी सिलिंडर पर निर्भर नहीं हैं। डीआरडीओ द्वारा स्थापित किये जा रहे पंडित राजन मिश्रा कोविड अस्पताल में भी लिक्विड ऑक्सीजन का प्लांट लगाया जा रहा है, जिससे इसकी निर्भरता बाहरी ऑक्सीजन सिलिंडर पर नहीं होगी।
एक माह में 1800 से 4500 सिलिंडर की हुई क्षमता
पिछले एक माह में ऑक्सीजन सिलिंडर की फिलिंग क्षमता 1800 से बढ़ाकर 4500 की गई है। इसमें रामनगर स्थित एक बंद पड़े मेडिटेक प्लांट को लिक्विड ऑक्सीजन का प्रबंध करके चलवाया जा रहा है, एक एएसयू बंद पड़े प्लांट को उस फर्म से दोबारा चलवाया गया। मिर्जापुर में एक बंद पड़े प्लांट को चलवाया गया और उसकी लिक्विड ऑक्सीजन की व्यवस्था वाराणसी प्रशासन के माध्यम से कराकर वहां से लगभग 300 सिलिंडर वाराणसी के लिए रिफिलिंग कराई जा रही है।
प्रधानमंत्री के गोद लिए गांव जयापुर में भी लगेगा ऑक्सीजन प्लांट
कोरोना संक्रमण के इस दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगाने को उद्यमी आगे आ रहे हैं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। उद्यमी मुकेश अग्रवाल इसके लिए आगे आए हैं। उन्होंने जिला उद्योग व प्रोत्साहन केंद्र में भी उद्योग अधिकारियों से संपर्क साधा है। उद्योग अधिकारियों के अनुसार इसी माह में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का रास्ता साफ हो जाएगा। उद्योग उपायुक्त वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।