{"_id":"59e741604f1c1b7a548b7f84","slug":"over-speed-tractor-killed-a-student-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस में बेलगाम ट्रैक्टर ने ली छात्र की जान, सदमे में परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में बेलगाम ट्रैक्टर ने ली छात्र की जान, सदमे में परिवार
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Wed, 18 Oct 2017 09:08 PM IST
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ट्रैक्टर का चालक फरार, लोगों ने किया चक्काजाम
- फोटो : अमर उजाला
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नो इंट्री में घुसे गिट्टी लदे ट्रैक्टर ने बुधवार सुबह विनायका में कक्षा छह के छात्र अंकित सोनकर (12) को कुचल दिया। अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर लेकर नशे में धुत चालक भागने लगा तो इलाकाई लोगों ने कोल्हुआ चौराहे पर उसे रोक लिया। चालक भाग निकला तो ट्रैक्टर पर मौजूद मजदूर राजू को पीटने के बाद लोगों ने किरहिया-जिवधीपुर मार्ग जाम कर दिया।
सूचना के लगभग एक घंटे बाद पहुंची भेलूपुर पुलिस गुस्साए लोगों को शांत कराने में असफल रही। लगभग दो घंटे बाद एसीएम प्रथम ने घोषणा की कि सरकारी राजकोष से पांच लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी और ट्रैक्टर मालिक जिवधीपुर निवासी ब्रह्मानंद ने 10 लाख रुपये देने का वादा किया तो जाम खत्म हुआ। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सुदामापुर निवासी ठेकेदार चमनलाल सोनकर के दो बेटे और दो बेटियों में सबसे छोटा अंकित सीएचएस में पढ़ता था। बुधवार की सुबह वह अपने दोस्त सौरभ के साथ सीएचएस के मैदान में खेलने गया था। वापसी के दौरान अंकित साइकिल चला रहा था और सौरभ पीछे बैठा था।
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विनायका स्थित साईं मंदिर के समीप पहुंचते ही संकरा रास्ता देख सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर को रुकने के लिए अंकित ने आवाज लगाई और चालक को इशारा भी किया। मगर, चालक पर अंकित की बातों का कोई असर नहीं पड़ा और उसने साइकिल पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। सौरभ तो कूद कर बच गया लेकिन अंकित की मौके पर ही मौत हो गई।
इलाकाई लोगों का आरोप था कि खोजवां चौकी के पुलिसकर्मी वसूली के फेर में नो इंट्री में भी ट्रैक्टरों को आने-जाने देते हैं। लोग पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सूचना के एक घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव पहुंचे। कैंट विधायक ने फोन कर पुलिस को जानकारी दी तो इंस्पेक्टर भेलूपुर और खोजवां चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे।
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सूचना के लगभग एक घंटे बाद पहुंची भेलूपुर पुलिस गुस्साए लोगों को शांत कराने में असफल रही। लगभग दो घंटे बाद एसीएम प्रथम ने घोषणा की कि सरकारी राजकोष से पांच लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी और ट्रैक्टर मालिक जिवधीपुर निवासी ब्रह्मानंद ने 10 लाख रुपये देने का वादा किया तो जाम खत्म हुआ। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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सुदामापुर निवासी ठेकेदार चमनलाल सोनकर के दो बेटे और दो बेटियों में सबसे छोटा अंकित सीएचएस में पढ़ता था। बुधवार की सुबह वह अपने दोस्त सौरभ के साथ सीएचएस के मैदान में खेलने गया था। वापसी के दौरान अंकित साइकिल चला रहा था और सौरभ पीछे बैठा था।
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विनायका स्थित साईं मंदिर के समीप पहुंचते ही संकरा रास्ता देख सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर को रुकने के लिए अंकित ने आवाज लगाई और चालक को इशारा भी किया। मगर, चालक पर अंकित की बातों का कोई असर नहीं पड़ा और उसने साइकिल पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। सौरभ तो कूद कर बच गया लेकिन अंकित की मौके पर ही मौत हो गई।
इलाकाई लोगों का आरोप था कि खोजवां चौकी के पुलिसकर्मी वसूली के फेर में नो इंट्री में भी ट्रैक्टरों को आने-जाने देते हैं। लोग पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सूचना के एक घंटे बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची तो कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव पहुंचे। कैंट विधायक ने फोन कर पुलिस को जानकारी दी तो इंस्पेक्टर भेलूपुर और खोजवां चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे।
मेरे बेटे की लाश पर राजनीति मत करिये
अंकित सोनकर
- फोटो : अमर उजाला
‘अब हम किसके साथ पटाखा खरीदने जाएंगे, किसके साथ दिवाली मनाएंगे। भगवान ने हमारे साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों किया...?’ सड़क हादसे में अंकित की मौत के बाद उसकी बड़ी बहनें पूजा और अंजू यह कहते हुए बिलखने लगीं तो मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। छोटे बेटे की हादसे में मौत की खबर सुनते ही मां पुष्पा अचेत हो गईं। मुहल्ले की महिलाएं उनके चेहरे पर पानी के छींटे मारतीं तो वे होश में आतीं और कहतीं कि मेरा लाल कहां है। इसके बाद रोते-रोते फिर अचेत हो जा रहीं थी।
ठेकेदार चमनलाल के घर में भी सामान्य परिवारों की तरह दिवाली की तैयारियां जोरों पर थीं। पूजा और अंजू ने बताया कि शाम को अंकित के साथ जाकर पटाखा खरीदने की तैयारी थी मगर अब हम जिंदगी भर कभी दिवाली नहीं मना पाएंगे।
उधर, अंकित की मौत से मुहल्ले के लोग खासे गमगीन दिखे। उनका कहना था कि परिवार को जिंदगी भर के लिए न भूलने वाला जख्म मिला है। अंकित की मौत से नाराज लोगों ने मुआवजा राशि की घोषणा होते ही उसे और बढ़ाने की मांग की।
इस पर बदहवास चमनलाल सोनकर ने कहा कि मेरे बेटे की लाश पर राजनीति मत करिए। हाथ जोड़कर कहा कि जो हो गया सो हो गया, बहुत देर हो रही है। बेटे का शव ले जाने दें। चमनलाल का बिलखना देख मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे लोग शांत हो गए और पुलिस शव लेकर बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस गई।
ठेकेदार चमनलाल के घर में भी सामान्य परिवारों की तरह दिवाली की तैयारियां जोरों पर थीं। पूजा और अंजू ने बताया कि शाम को अंकित के साथ जाकर पटाखा खरीदने की तैयारी थी मगर अब हम जिंदगी भर कभी दिवाली नहीं मना पाएंगे।
उधर, अंकित की मौत से मुहल्ले के लोग खासे गमगीन दिखे। उनका कहना था कि परिवार को जिंदगी भर के लिए न भूलने वाला जख्म मिला है। अंकित की मौत से नाराज लोगों ने मुआवजा राशि की घोषणा होते ही उसे और बढ़ाने की मांग की।
इस पर बदहवास चमनलाल सोनकर ने कहा कि मेरे बेटे की लाश पर राजनीति मत करिए। हाथ जोड़कर कहा कि जो हो गया सो हो गया, बहुत देर हो रही है। बेटे का शव ले जाने दें। चमनलाल का बिलखना देख मुआवजे की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे लोग शांत हो गए और पुलिस शव लेकर बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस गई।