फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Over 150 players 28 national-level wrestlers emerged from Kashi Veerlorik Akhara

Exclusive: काशी के वीरलोरिक अखाड़े से निकले 150 से ज्यादा खिलाड़ी, 28 राष्ट्रीय स्तर के पहलवान

Sat, 01 Nov 2025 05:36 PM IST
प्रगति चंद प्यारेलाल यादव, संवाद न्यूज एजेंसी, चिरईगांव (वाराणसी)।
प्यारेलाल यादव, संवाद न्यूज एजेंसी, चिरईगांव (वाराणसी)। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 01 Nov 2025 05:36 PM IST
सार

गौराकला के वीरलोरिक अखाड़े ने देश को 150 से ज्यादा खिलाड़ी दिए हैं। इसमें तेजवीर सिंह यादव ने अब तक 15 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आठ पदक हासिल किए हैं। उनके भाई राजवीर ने सब-जूनियर वर्ग में यूपी में सिल्वर मेडल जीता। 

विज्ञापन
Over 150 players 28 national-level wrestlers emerged from Kashi Veerlorik Akhara
वीरलोरिक अखाड़ा (व्यायामशाला) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के गौराकला के वीरलोरिक अखाड़े (व्यायामशाला) ने देश को राष्ट्रीय स्तर के 150 से अधिक खिलाड़ी दिए हैं। इनमें से 28 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे हैं। यहां के खिलाड़ी रेलवे से लेकर अन्य सरकारी गैर-सरकारी सेवाओं में सेवा देने के साथ कुश्ती में भी लगातार पदक जीत रहे हैं। अखाड़े पर रोजाना 70 से अधिक खिलाड़ी दो सत्रों में अभ्यास करते हैं। यहां आज भी पारंपरिक कुश्ती को बढ़वा दिया जा रहा है। 

विज्ञापन


नेवी के कोच रहे श्यामलाल पहलवान ने बताया कि एक दौर था जब हर गांव में अखाड़े होते थे, अब सरकारों की अनदेखी के कारण अखाड़ों की कुश्ती सिमटती जा रही है। इसके बावजूद चिरईगांव विकासखंड के गौराकला, बरियासनपुर, छाही, बराई सहित कई अखाड़ों पर पहलवान दांव साधते हैं। ग्राम पंचायत गौराकला स्थित वीरलोरिक अखाड़े में उस्ताद क्षमा पहलवान की देखरेख में 70 से अधिक युवा रोजाना अभ्यास करते हैं। 
विज्ञापन


तेजवीर सिंह यादव ने अब तक 15 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आठ पदक हासिल किए हैं। उनके भाई राजवीर ने सब-जूनियर वर्ग में यूपी में सिल्वर मेडल जीता। वहीं, मिथिलेश यादव ने खेलो इंडिया में ब्रॉन्ज जीता। शिवम यादव ने यूपी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। इससे पहले मुन्नर प्रसाद यादव और शिवजतन विश्वकर्मा जैसे पहलवानों ने भी क्षेत्र का मान बढ़ाया था। रेलवे में सेवाएं दे चुके रामबीसुन पहलवान व बृजेश पहलवान आज भी नई पीढ़ी के लिए मिसाल हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed