आजमगढ़ से अखिलेश के प्रत्याशी बनने पर मनाई खुशियां, कार्यकर्ताओं ने आचार संहिता की उड़ाई धज्जियां
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आजमगढ़ सदर सीट से प्रत्याशी बनाए जाने पर जिले में खूब जश्न मना। खुशी मना रहे सपा कार्यकर्ताओं ने चुनाव आचार संहिता का भी ख्याल नहीं रखा।
रविवार को अखिलेश यादव का टिकट फाइनल होते ही सपाजन सड़क पर उतर पड़े और ढोल-तासे के साथ नारेबाजी करने लगे। उत्साह में लोगों ने चुनाव आचार संहिता की भी परवाह नहीं की और जिला कार्यालय से एसपी ऑफिस, कलेक्ट्रेट, नेहरू हॉल होते हुए जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की।
पुलिस अधीक्षक ने इसे संज्ञान में लेते हुए शहर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। वहीं, कोतवाली प्रभारी रत्नेश सिंह ने बताया कि सपा के जुलूस की रिकार्डिंग कराई गई है। फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। रिकार्डिंग देखने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
'विपक्षी अपनी जमानत तक नहीं बचा सकेंगे'
पूर्व सपा मुखिया और सांसद मुलायम सिंह यादव द्वारा आजमगढ़ से चुनाव लड़ने से इंकार करने से सपाजन मायूस थे। हालांकि जिला इकाई अखिलेश यादव को आजमगढ़ से चुनाव लड़ाने के प्रयास में जुटी थी। इसके लिए जिला कमेटी ने प्रस्ताव भी भेजा था।
अखिलेश यादव के आजमगढ़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित होने पर रविवार को नगर में सपा कार्यकर्ताओं ने मिठाई वितरित कर हर्ष व्यक्त किया। इस दौरान नगर के बालनिकेतन स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर युवजन सभा के प्रदेश सचिव राहुल गुप्ता जी के नेतृत्व में एक बैठक हुई।
जिसमें कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राजविजय यादव ने कहा कि आजमगढ़ से राष्ट्रीय अध्यक्ष बड़ी संख्या में वोटों से जीतेंगे, कहा कि उनके विपक्षी प्रत्याशी अपने जमानत तक नहीं बचा सकेंगे।