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बीएचयू: हृदय रोग विभाग के कैथ लैब में संचालित अमृत फार्मेसी को हटाने का आदेश, 72 घंटे की मोहलत
Wed, 27 Apr 2022 10:01 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 27 Apr 2022 10:01 AM IST
सार
महंगे दाम पर और बिना बिल के दिया जा रहा था सामान, हृदय रोग विभागाध्यक्ष ने दिया नोटिस
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी आईएमएस बीएचयू के हृदय रोग विभाग के कैथ लैब में महंगे दाम पर सामान दिए जाने पर विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने फार्मेसी संचालक को नोटिस देते हुए उसे खाली करने का आदेश दिया है। दरअसल, कैथ लैब में चल रही अमृत फार्मेसी पर मरीजों को महंगे दाम पर दवाएं आदि दिए जाने और बिल नहीं दिए जाने की काफी दिनों से शिकायतें मिल रहीं थीं।
सर सुंदलाल अस्पताल के चौथे तल पर चलने वाली कैथ लैब में 2016 से अमृत फार्मेसी स्थित है। इसका उद्येश्य यह था कि एंजियोप्लास्टी कराने वाले मरीजों को सस्ते दाम पर स्टंट आदि सामान मिल सके। इसके उलट यहां जो स्टंट (स्प्रिंग नुमा तार) और अन्य सामान चिकित्सकों की ओर से लेकर लगाया जा रहा है, उसके दाम में भारी अंतर मिला।
फार्मेसी की ओर से दिए जाने वाले सामान में जहां कुछ मरीजों की एंजियोप्लास्टी के लिए स्टंट लगाने में 24 से 25 हजार का खर्च आता है वहीं कुछ को इसके लिए 50 से 60 हजार तक देना पड़ता है। 22 अप्रैल को विभागाध्यक्ष ने फार्मेसी के इंचार्ज को नोटिस जारी करते हुए कैथ लैब परिसर में संचालित होने वाले दुकान को अनाधिकृत और अवैध बताया है।
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सर सुंदलाल अस्पताल के चौथे तल पर चलने वाली कैथ लैब में 2016 से अमृत फार्मेसी स्थित है। इसका उद्येश्य यह था कि एंजियोप्लास्टी कराने वाले मरीजों को सस्ते दाम पर स्टंट आदि सामान मिल सके। इसके उलट यहां जो स्टंट (स्प्रिंग नुमा तार) और अन्य सामान चिकित्सकों की ओर से लेकर लगाया जा रहा है, उसके दाम में भारी अंतर मिला।
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फार्मेसी की ओर से दिए जाने वाले सामान में जहां कुछ मरीजों की एंजियोप्लास्टी के लिए स्टंट लगाने में 24 से 25 हजार का खर्च आता है वहीं कुछ को इसके लिए 50 से 60 हजार तक देना पड़ता है। 22 अप्रैल को विभागाध्यक्ष ने फार्मेसी के इंचार्ज को नोटिस जारी करते हुए कैथ लैब परिसर में संचालित होने वाले दुकान को अनाधिकृत और अवैध बताया है।
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विभागाध्यक्ष ने 72 घंटे में कैथ लैब को खाली करने का आदेश दिया था। अब 25 अप्रैल को फार्मेसी की ओर से जो जवाब आया है, उसने फार्मेसी के संचालन को वैध बताया है। किसी तरह की कंपनियों की भागीदारी से भी इंकार किया, साथ ही सभी को सामान का बिल भी दिया जा रहा है।
रेट निर्धारित करने की तैयारी
कैथ लैब में मरीजों को लगने वाले स्टंट सहित अन्य सामानों का रेट निर्धारित करने की तैयारी चल रही है। विभागाध्यक्ष प्रो. ओमशंकर ने बताया कि एंजियोप्लास्टी का रेट निर्धारित होने के बाद मरीजों को बड़ी राहत होगी। जब कैथ लैब में मरीजों का इलाज 22 से 25 हजार रुपये में हो जा रहा है तो वह 50 से 60 हजार क्यों खर्च करेगा। बताया कि अगर फार्मेसी इंचार्ज ने दुकान खाली नहीं किया तो ठोस कार्रवाई की जाएगी।