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जांच के नाम पर महज खानापूर्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 03 May 2017 01:06 AM IST
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पेट्रोल पंप
- फोटो : Axis
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लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि बाट माप विभाग के अधिकारी पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण कर रहे हैं या फिर खानापूरी। अब तक के निरीक्षण में सभी पेट्रोल पंपों पर सब कुछ मानक के अनुसार पाया गया है। जबकि जिले के तमाम पेट्रोल पंपों पर तेल कम होने, घटिया होने की शिकायत पर अक्सर किचकिच होती रहती है। हां, अधिकारियों को कमी भी उतनी ही मिल रही है, जितना अनुमन्य है। लोगों का कहना है कि सब गोलमाल है। अधिकारी पेट्रोल पंप संचालकों से मिले हुए हैं। लेनदेन कर मामला फिट कर लिया जा रहा है। आम लोग ऐसे ही ठगे जाते रहेंगे।
अब तक निरीक्षण की स्थिति देखें तो आठ से 10 पेट्रोल पंपों की जांच हुई। ज्यादातर पर प्रति पांच लीटर 20 एमएल तेल कम पाया गया, जबकि 25 एमएल कम पाए जाने तक अनुमन्य है। ऐसे में केवल नोजल की जांच का निर्देश देकर पंप संचालकों को छोड़ दिया जा रहा है। वहीं बाट माप विभाग के सहायक नियंत्रक मुकेश कुमार का कहना है कि पेट्रोल पंप संचालक सतर्क हो गए हैं। इसलिए कमी नहीं मिल रही है।
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अब तक निरीक्षण की स्थिति देखें तो आठ से 10 पेट्रोल पंपों की जांच हुई। ज्यादातर पर प्रति पांच लीटर 20 एमएल तेल कम पाया गया, जबकि 25 एमएल कम पाए जाने तक अनुमन्य है। ऐसे में केवल नोजल की जांच का निर्देश देकर पंप संचालकों को छोड़ दिया जा रहा है। वहीं बाट माप विभाग के सहायक नियंत्रक मुकेश कुमार का कहना है कि पेट्रोल पंप संचालक सतर्क हो गए हैं। इसलिए कमी नहीं मिल रही है।
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