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फर्जी तरीके से ऑनलाइन बिक रहा संकटमोचन मंदिर का प्रसाद
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 14 Apr 2018 02:09 PM IST
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बनारस के संकटमोचन मंदिर के प्रसाद के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। टेंपल फाल्क्स नामक वेबसाइट पर संकटमोचन मंदिर का प्रसाद श्रद्धालुओं को 15 सौ रुपये में बेचा जा रहा है।
खास बात तो यह है कि मंदिर प्रबंधन की ओर से किसी भी तरह के ऑनलाइन दर्शन, पूजन और प्रसाद भेजने की व्यवस्था ही नहीं है। मामला संज्ञान में आने पर मंदिर के महंत ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
ऑनलाइन फर्जीवाड़े की कड़ी में संकटमोचन मंदिर के नाम पर प्रसाद बेचने वाले सक्रिय हैं। कुछ लोग वेबसाइट बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी तरीके से संकटमोचन मंदिर के नाम पर www.templefolks.com वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रसाद बेच रहे हैं।
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मंदिर के प्रसाद के लिए 15 सौ रुपये मांगे जा रहे हैं और प्रसाद में दो सौ ग्राम लाल पेड़ा, हनुमान जी की तस्वीर, मौली, जनेऊ और कलावा देने की बात कही जा रही है। कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी का भी ऑप्शन वेबसाइट पर दिया गया है।
वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर जब संपर्क किया गया तो उधर से बताया गया कि वह नंबर किसी मेडिकल स्टोर का है। इस संदर्भ में संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो.विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कहा कि मंदिर की ओर से ऑनलाइन प्रसाद भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है।
मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए कोई वीआईपी व्यवस्था नहीं रहती है। सभी श्रद्धालु समान रूप से हनुमान जी का दर्शन करते हैं। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था को बदनाम करने वाले तत्वों पर मंदिर प्रबंधन कानूनी कार्रवाई करेगा।
महंत के छोटेभाई डॉ. विजय नाथ मिश्र ने बताया कि इसकी जानकारी संकटमोचन संगीत समारोह के ऑनलाइन संस्करण की तैयारी के दौरान हुई है। इस मामले में मंदिर प्रबंधन की ओर से प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।
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खास बात तो यह है कि मंदिर प्रबंधन की ओर से किसी भी तरह के ऑनलाइन दर्शन, पूजन और प्रसाद भेजने की व्यवस्था ही नहीं है। मामला संज्ञान में आने पर मंदिर के महंत ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
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ऑनलाइन फर्जीवाड़े की कड़ी में संकटमोचन मंदिर के नाम पर प्रसाद बेचने वाले सक्रिय हैं। कुछ लोग वेबसाइट बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी तरीके से संकटमोचन मंदिर के नाम पर www.templefolks.com वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रसाद बेच रहे हैं।
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मंदिर के प्रसाद के लिए 15 सौ रुपये मांगे जा रहे हैं और प्रसाद में दो सौ ग्राम लाल पेड़ा, हनुमान जी की तस्वीर, मौली, जनेऊ और कलावा देने की बात कही जा रही है। कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी का भी ऑप्शन वेबसाइट पर दिया गया है।
वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर जब संपर्क किया गया तो उधर से बताया गया कि वह नंबर किसी मेडिकल स्टोर का है। इस संदर्भ में संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो.विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कहा कि मंदिर की ओर से ऑनलाइन प्रसाद भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है।
मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए कोई वीआईपी व्यवस्था नहीं रहती है। सभी श्रद्धालु समान रूप से हनुमान जी का दर्शन करते हैं। ऐसे में मंदिर की व्यवस्था को बदनाम करने वाले तत्वों पर मंदिर प्रबंधन कानूनी कार्रवाई करेगा।
महंत के छोटेभाई डॉ. विजय नाथ मिश्र ने बताया कि इसकी जानकारी संकटमोचन संगीत समारोह के ऑनलाइन संस्करण की तैयारी के दौरान हुई है। इस मामले में मंदिर प्रबंधन की ओर से प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।