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शिल्पकारों के लिए ऑनलाइन पाठ्यक्रम जल्द
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Sat, 27 Dec 2014 02:13 AM IST
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तकनीकी शिक्षा देकर शिल्पकारों का कौशल विकसित करने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से मानव संसाधन विकास मंत्रालय ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किया करने जा रहा है। मंत्रालय ने इस पहल को ‘युक्ति’ के नाम से प्रस्तावित किया है। युक्ति यानी योग्य कलाकृति की तकनीक।
शिल्पकारों के लिए शिक्षा व प्रशिक्षण की योजना को साकार रूप देने के लिए मंत्रालय ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों से सहयोग लिया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) की इसमें खास भूमिका निभाएंगे। ये संस्थान शिल्पकारों के लिए डिजाइन और तकनीकी ईजाद करेंगे। यही नहीं इन संस्थानों के पाठ्यक्रम में शिल्प कौशल को शामिल करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, मंत्रालय ने शिल्पकाराें के लिए ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। पाठ्यक्रम को तीन भागों में बांटा गया है। पहला- आब्जर्वेशन या अवलोकन। दूसरा लर्निंग बाई डूइंग (काम से सीखें) और तीसरा रिफ्लेक्सिव थिंकिंग।
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पाठ्यक्रम के अनुरूप आईआईटी इनोवेटिव डिजाइन और मशीनें तैयार करेंगे। साथ ही पुस्तकालय की तर्ज पर ही ‘युक्ति औजार संग्रहालय’ भी स्थापित किया जाएगा। इस संग्रहालय से शिल्पकारों को औजार और उपकरण मुफ्त मुहैया कराए जाएंगे।
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शिल्पकारों के लिए शिक्षा व प्रशिक्षण की योजना को साकार रूप देने के लिए मंत्रालय ने तकनीकी शिक्षण संस्थानों से सहयोग लिया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) की इसमें खास भूमिका निभाएंगे। ये संस्थान शिल्पकारों के लिए डिजाइन और तकनीकी ईजाद करेंगे। यही नहीं इन संस्थानों के पाठ्यक्रम में शिल्प कौशल को शामिल करने का भी प्रयास किया जा रहा है।
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वहीं, मंत्रालय ने शिल्पकाराें के लिए ओपन ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। पाठ्यक्रम को तीन भागों में बांटा गया है। पहला- आब्जर्वेशन या अवलोकन। दूसरा लर्निंग बाई डूइंग (काम से सीखें) और तीसरा रिफ्लेक्सिव थिंकिंग।
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पाठ्यक्रम के अनुरूप आईआईटी इनोवेटिव डिजाइन और मशीनें तैयार करेंगे। साथ ही पुस्तकालय की तर्ज पर ही ‘युक्ति औजार संग्रहालय’ भी स्थापित किया जाएगा। इस संग्रहालय से शिल्पकारों को औजार और उपकरण मुफ्त मुहैया कराए जाएंगे।