वाराणसी: शर्तों के साथ मिल रहा प्याज, क्वालिटी की भी कोई गारंटी नहीं
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सस्ते प्याज की उम्मीद में पहड़िया मंडी या उद्यान विभाग के विक्रय केंद्र जा रहे हैं तो प्याज मिलेगा जरूर, मगर शर्तों के साथ। मंगलवार को 32 से 35 रुपये किलो के दावे के विपरीत 35 से 40 रुपये किलो में प्याज बिका। यही नहीं, ग्राहक को दो किलो से कम या इससे अधिक प्याज भी नहीं दिया जा रहा है।
ऐसे में कम से कम 70 रुपये तो ग्राहक के पास होने ही चाहिए। खराब प्याज छांटने की छूट भी नहीं है। लिहाजा, विक्रय केंद्रों पर ग्राहक तो अच्छी संख्या में पहुंच रहे हैं, लेकिन हालत देख लौट जा रहे हैं।
आम लोगों को सस्ता प्याज उपलब्ध कराने की शासन-प्रशासन की व्यवस्था मंगलवार को दूसरे ही दिन बेपटरी हो गई। पहड़िया मंडी विक्रय केंद्र में 32 रुपये के बजाय 35 रुपये किलो की दर से प्याज बेचा गया। वहीं उद्यान कार्यालय में 40 रुपये प्रति किलो प्याज बेचा जा रहा था। इतना ही नहीं प्याज देने की मात्रा में भी कटौती कर दी गई। ढाई की जगह एक व्यक्ति को अधिकतम दो किलो प्याज ही दिया गया।
पहड़िया मंडी में प्याज की क्वालिटी भी अच्छी नहीं थी तो उद्यान विभाग में मिल रहा प्याज काफी छोटा था। पहड़िया मंडी केंद्र में कुछ ग्राहकों ने क्वालिटी पर सवाल उठाया तो कह दिया गया कि यही प्याज है लेना हो तो लीजिए, नहीं तो बाहर मिल रहा है। कुछ ग्राहकों ने छांटकर प्याज देने का अनुरोध किया, जिसे नकार दिया गया। लिहाजा लोग बैरंग वापस लौट आए।
मंडी में थोक में भी 40 किलो में प्याज
उद्यान विभाग के विक्रय केंद्र में 40 रुपये किलो प्याज बेचा जा था तो वहीं मंडी में भी पिछले कुछ दिनों से थोक रेट 40 रुपये ही है। इसे लेकर ग्राहकों में चर्चा होती रही कि जब दाम बराबर चुकाने हैं तो वह विक्रय केंद्र पर लाइन में क्यों लगें।
केवल 54 लोगों को ही प्याज देने के निर्देश
उद्यान विभाग स्थित प्याज विक्रय केंद्र में एक बोरी में प्याज रखकर बेचा जा रहा था। जब विक्रेता से पूछा गया कि प्याज तो कम है, अगर ज्यादा लोग आ गए तो उन्हें प्याज कैसे मिलेगा। इस पर बताया गया कि दो किलो के हिसाब से केवल 54 लोगों को ही प्याज देने के निर्देश हैं। केंद्र पर केवल दो किलो का ही बांट था, लिहाजा इससे कम प्याज लेने आए लोगों को लौटना पड़ा।
प्याज देने से ज्यादा रजिस्टर पर नाम चढ़ाने पर ध्यान
विक्रय केंद्रों पर दो किलो से ज्यादा प्याज किसी भी ग्राहक को नहीं दिया गया। जिसे ज्यादा प्याज चाहिए था, उसे दो नाम बताने पड़े। साथ ही केंद्रों पर प्याज बेचने से ज्यादा रजिस्टर में नाम नोट करने पर ध्यान रहा।
पांडेयपुर के दिनेश दीक्षित ने बताया कि हम प्याज कम खा लेंगे, मगर क्वालिटी से समझौता कैसे करें। प्याज की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। वहीं महमूरगंज के कौशल राय ने कहा कि दो किलो से कम या ज्यादा प्याज नहीं मिल रही है। यहां गरीब और जरूरतमंद को फायदा नहीं मिल पा रहा है।
निदेशक मंडी समिति जेपी सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास लोगों को कम से कम रेट पर अच्छी गुणवत्ता का प्याज उपलब्ध कराना है। जहां कमी है, उसे दूर किया जाएगा।
राजातालाब सब्जी मंडी में पकड़ा गया प्याज
रोहनिया में प्याज के दाम में लगातार तेजी आने के बीच इसके अवैध भंडारण का मामला भी सामने आया है। उपजिलाधिकारी राजातालाब अमृता सिंह के निर्देश पर राजातालाब सब्जी मंडी में मंगलवार को की गई छापेमारी में एक ट्रक में 250 क्विंटल प्याज पकड़ा गया।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी टीम की जांच में पता चला कि मेसर्स श्रवण कुमार राय एंड कंपनी की ओर से मंगवाया गया प्याज पहड़िया मंडी में उतरना था, लेकिन इसे राजातालाब में उतारा जा रहा था। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी राजीव ने बताया कि उक्त कंपनी की क्षमता 500 क्विंटल है, मगर जो प्याज यहां उतर रहा था वह इस फर्म का नहीं था। प्याज पहड़िया मंडी सचिव के हवाले कर दिया गया है।