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न्यायिक आदेश से एक पक्ष खुश तो दूसरा नाराज ही रहता है: डॉ. विश्वेश
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न्यायिक अधिकारी तथ्य और साक्ष्य के आधार पर अपना काम करते हैं। उनके आदेश से एक पक्ष खुश होता है और एक पक्ष नाखुश रहता है। इसकी परवाह किए बगैर न्यायिक अधिकारियों को अपना काम ईमानदारी से करते रहना चाहिए। यह कहना है व्यासजी के तहखाने में पूजा और एएसआई सर्वे सहित ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े अन्य मामलों में आदेश देने वाले सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश का।
पूर्व जिला जज सरकारी आवास खाली करके रविवार को नोएडा के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने पत्रकारों से बात की और कहा कि जनपद में लगभग दो वर्ष पांच माह का कार्यकाल अच्छा रहा। शासकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन अच्छे ढंग से किया, इसकी संतुष्टि है। काशी को मिनी इंडिया कहा जाोता है। काशी में रहने का सौभाग्य सबको नहीं मिल पाता है। यहां के न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं का भरपूर स्नेह मिला।
उन्होंने कहा कि काशी से आत्मीय लगाव हो गया है। भावनात्मक रूप से सदैव जुड़ा रहूंगा। इस दौरान प्रबोधिनी फाउंडेशन के महासचिव विनय शंकर राय मुन्ना, स्वामी सहजानंद शोध संस्थान के नीरज सिंह, वर्ल्ड प्रोफेशनल रेसलिंग हब के मुख्य प्रबंधक मृत्युंजय महादेव सिंह, समीर सिंह विशाल, डॉ. संजय सिंह गौतम सहित अन्य लोगों ने डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश को अंगवस्त्रम्, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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पूर्व जिला जज सरकारी आवास खाली करके रविवार को नोएडा के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने पत्रकारों से बात की और कहा कि जनपद में लगभग दो वर्ष पांच माह का कार्यकाल अच्छा रहा। शासकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन अच्छे ढंग से किया, इसकी संतुष्टि है। काशी को मिनी इंडिया कहा जाोता है। काशी में रहने का सौभाग्य सबको नहीं मिल पाता है। यहां के न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं का भरपूर स्नेह मिला।
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उन्होंने कहा कि काशी से आत्मीय लगाव हो गया है। भावनात्मक रूप से सदैव जुड़ा रहूंगा। इस दौरान प्रबोधिनी फाउंडेशन के महासचिव विनय शंकर राय मुन्ना, स्वामी सहजानंद शोध संस्थान के नीरज सिंह, वर्ल्ड प्रोफेशनल रेसलिंग हब के मुख्य प्रबंधक मृत्युंजय महादेव सिंह, समीर सिंह विशाल, डॉ. संजय सिंह गौतम सहित अन्य लोगों ने डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश को अंगवस्त्रम्, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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