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यूपी में लाॅजिस्टिक क्षेत्र में मिलेंगी डेढ़ लाख नौकरियां: डावरा
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वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स पॉलिसी से राज्य के बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स क्षमता में विकास हुआ है। इसमें आठ अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे, भारत का पहला अंतर्देशीय जलमार्ग (एनडब्लू-1) और 20 जिलों से होकर गुजरने वाला 1100 किमी का डीएफसी ट्रैक शामिल है। इससे लाजिस्टिक क्षेत्र में करीब एक लाख 48 हजार रोजगार सृजन होगा। यूपी ने राज्य के प्रत्येक औद्योगिक पार्क और अंचल में रसद क्षेत्र के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्णय लिया है। इससे डेढ़ लाख लोगों को नौकरी मिलने की उम्मीद है। यह कहना है केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग में विशेष सचिव सुमिता डावरा का।
वह बुधवार को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) विषयक दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला काे संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य रियायती शर्तों पर आसान वित्तीय मदद के लिए लॉजिस्टिक्स को उद्योग का दर्जा देने पर विचार कर सकते हैं। राज्य उत्पादित माल की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए समितियों की स्थापना कर योजनाओं का विकास करें।
उन्होंने पीएम गति शक्ति और कुशल लाॅजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए राज्यों को अंतर-विभागीय व व्यापारिक बैठकें करने की अपील की है। साथ ही कहा कि मानव संसाधन विकास, कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर मिलकर काम करने की जरूरत है। इसे विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में जगह दी जा सकती है। लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला बनाई जा सकती है। विशेष सचिव ने लॉजिस्टिक्स सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देने की सलाह दी और कहा कि इसमें क्षेत्रीय व्यापार संघों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। समापन के दौरान प्रतिभागियों को बुलंदशहर के ओडीओपी के उत्पाद भेंट किए गए। इस मौके पर अभिषेक श्रीवास्तव, एलके रज्जाक, तपन कुमार मिश्र, मिहिर शाह ने प्रस्तुति दी।
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लॉजिस्टक्स पार्कों का होगा विकास
डीपीआईआईटी में सचिव अनुराग जैन ने पीएम गतिशक्ति को जिला और ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि गोदामों, एकीकृत जांच चौकियों, कस्टम स्टेशनों, तापमान नियंत्रित सुविधाओं के विकास को सुगम बनाया जाएगा। इसके लिए विनिर्माण क्लस्टरों के साथ एकीकृत लॉजिस्टिक्स पार्कों का विकास किया जाएगा। आर्थिक केंद्रों को विकसित करने के लिए क्लस्टर आधारित क्षेत्र और अंतर्देशीय जलमार्ग के जरिये आर्थिक गलियारों को मजबूत किया जा सकता है। लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप को शामिल करना चाहिए।
नदियों में लगातार कराई जा रही ड्रेजिंग
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक एलके रजक ने कहा कि नदियों में मालवाहकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए सर्वे कराने के साथ ड्रेजिंग कराई जा रही है। इससे क्रूज और मालवाहक का आवागमन आसान होगा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बीच भी एक जलमार्ग यातायात पर काम चल रहा है। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
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वह बुधवार को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) विषयक दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला काे संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य रियायती शर्तों पर आसान वित्तीय मदद के लिए लॉजिस्टिक्स को उद्योग का दर्जा देने पर विचार कर सकते हैं। राज्य उत्पादित माल की आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए समितियों की स्थापना कर योजनाओं का विकास करें।
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उन्होंने पीएम गति शक्ति और कुशल लाॅजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए राज्यों को अंतर-विभागीय व व्यापारिक बैठकें करने की अपील की है। साथ ही कहा कि मानव संसाधन विकास, कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर मिलकर काम करने की जरूरत है। इसे विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में जगह दी जा सकती है। लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला बनाई जा सकती है। विशेष सचिव ने लॉजिस्टिक्स सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा देने की सलाह दी और कहा कि इसमें क्षेत्रीय व्यापार संघों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। समापन के दौरान प्रतिभागियों को बुलंदशहर के ओडीओपी के उत्पाद भेंट किए गए। इस मौके पर अभिषेक श्रीवास्तव, एलके रज्जाक, तपन कुमार मिश्र, मिहिर शाह ने प्रस्तुति दी।
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लॉजिस्टक्स पार्कों का होगा विकास
डीपीआईआईटी में सचिव अनुराग जैन ने पीएम गतिशक्ति को जिला और ग्राम पंचायत स्तर तक ले जाने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि गोदामों, एकीकृत जांच चौकियों, कस्टम स्टेशनों, तापमान नियंत्रित सुविधाओं के विकास को सुगम बनाया जाएगा। इसके लिए विनिर्माण क्लस्टरों के साथ एकीकृत लॉजिस्टिक्स पार्कों का विकास किया जाएगा। आर्थिक केंद्रों को विकसित करने के लिए क्लस्टर आधारित क्षेत्र और अंतर्देशीय जलमार्ग के जरिये आर्थिक गलियारों को मजबूत किया जा सकता है। लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप को शामिल करना चाहिए।
नदियों में लगातार कराई जा रही ड्रेजिंग
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के निदेशक एलके रजक ने कहा कि नदियों में मालवाहकों की आवाजाही बढ़ाने के लिए सर्वे कराने के साथ ड्रेजिंग कराई जा रही है। इससे क्रूज और मालवाहक का आवागमन आसान होगा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बीच भी एक जलमार्ग यातायात पर काम चल रहा है। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।