ठीक दो साल बाद फिर से 11 अगस्त का दिन फिर से इतिहास का साक्षी बना। पिछली बार भी ललित उपाध्याय टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर 11 अगस्त 2022 को काशी पहुंचे थे। संयोग से रविवार को जब ललित पदक जीतकर काशी पहुंचे तब भी 11 अगस्त ही तारीख रही। मजेदार बात ये है कि ओलंपियन मोहम्मद शाहिद भी अगस्त महीने में ही पदक जीतकर काशी पहुंचे थे। शाहिद 29 जुलाई 1980 को मैच जीते थे और 5 अगस्त 1980 को काशी पहुंचे थे।
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काशी में ललित उपाध्याय का भव्य स्वागत
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को दोपहर पेरिस में ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर लौटे ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का शानदार स्वागत हुआ। एयर इंडिया के विमान से दोनों खिलाड़ी टर्मिनल एक से बाहर निकले। ललित उपाध्याय को बाबतपुर से काशी विश्वनाथ धाम तक करीब 25 किलोमीटर दूरी तय करने में तीन घंटे लग गए।
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ओलंपियन ललित के स्वागत को तिरंगा लेकर खड़े लोग
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ललित काशी विश्वनाथ धाम में करीब साढ़े तीन बजे पहुंचे और बाबा को अपना पदक अर्पित किया। इससे पहले बाबतपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल एक के निकास द्वार पर हर हर महादेव के जयघोष और नगाड़ों की धुन पर उनका स्वागत हुआ। ललित उपाध्याय के स्वागत में हजारों की संख्या में खेल प्रेमी सुबह दस बजे से ही पहुंच गए थे। बाबतपुर से ललित और गाजीपुर के राजकुमार पाल अलग-अलग वाहन में सवार होकर रवाना हुए। राजकुमार पाल खेल प्रेमियों के साथ सड़क मार्ग से अपने गृह जनपद गाजीपुर रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि यह देशवासियों के प्यार की जीत है।
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ललित उपाध्याय
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वाराणसी के भगतपुर निवासी ललित उपाध्याय खेल प्रेमियों के साथ काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुए। रास्ते में शिवपुर में काफिले के स्वागत के लिए उनकी मां सड़क पर खड़ीं थीं। ललित ने अपनी मां के माथे से पदक को लगाया और काफिले के साथ काशी विश्वनाथ को पदक अर्पित करने रवाना हो गए। ललित उपाध्याय का जगह-जगह स्वागत किया गया। लोग सुबह 11 बजे से सड़क पर खड़े होकर राष्ट्रीय खिलाड़ी के स्वागत में तैयार थे। ललित उपाध्याय का काफिला बाबतपुर से शिवपुर, कोईराजपुर, होते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा।
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ललित उपाध्याय
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यहां से दर्शन पूजन के बाद ललित अपने घर पहुंचे। यहां परिवार वालों ने घर में जाने से पहले ललित की आरती उतारी और फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद ललित घर में बने शिवमंदिर में गए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान यहां हजारों की संख्या में प्रशंसक मौजूद थे और हर-हर महादेव का उद्घोष कर रहे थे। ललित के पदक जीतने पर हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष डॉ़ एके सिंह, पिता सतीष उपाध्याय, मां रीता उपाध्याय, बहन अंजली उपाध्याय ने खुशी का इजहार किया।