फरिश्ता बनकर आया बुजुर्ग, मौत के मुंह से बच्चों को निकाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जौनपुर जिले के बदलापुर क्षेत्र के कठार गांव के तालाब में भैंसों को नहलाने गए सात बच्चे एक-दूसरे को बचाने में पानी में डूबने लगे। संयोग से गांव के जोखन राम मौके पर पहुंच गए और सभी को बचा लिया। तालाब से बाहर निकाले गए बच्चे अचेतावस्था में थे। सभी का इलाज एक चिकित्सालय में कराया गया। अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बबुरा गांव निवासी अनिल खरवार के तीन पुत्र शिवम(18), सुंदरम(12), सत्यम(7) और अनिल के छोटे भाई का पुत्र संगम(6) कठार गांव के तालाब में भैंसों को नहलाने ले गए थे। उनके साथ गोहरा बरईपार से आया रिश्तेदार दिवांश(12), चंवरी सलामतपुर के प्रीतम पुत्र संदीप और दुगौली का रहने वाला विकास(8) भी था।
तालाब में भैंस नहलाते समय एक बच्चा डूबने लगा। उसे बचाने के चक्कर में सभी गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। इसी बीच शिवम के दादा जोखनराम भी तालाब के पास पहुंच गए। उन्होंने देखा कि बच्चे गहरे पानी में डूब रहे हैं तो वह तत्काल तालाब में कूद पड़े।
एक-एक कर सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया। इस दौरान बच्चे बेहोश हो चुके थे। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। लोग बेहोश बच्चों को लेकर अस्पताल भागे। पास के एक निजी चिकित्सालय में एक घंटे के उपचार के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य हो सकी।
घटना से परिजन पूरी तरह सहम गए थे। पूरे गांव में लोग जोखन की सराहना कर रहे थे। गांव के ग्रामप्रधान धीरेंद्र सिंह ने जोखन राम के साहस की सराहना करते हुए प्रशासन से उन्हें सम्मानित करने की मांग की है।