फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   officer

शुभांगी के किरदार में वात्सल्य और दायित्व का संगम

Tue, 15 Oct 2019 01:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2019 01:36 AM IST
विज्ञापन
officer
झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जन्मस्थली काशी में सोमवार को प्रशासनिक काम के दौरान वात्सल्य और दायित्व का संगम दिखा। जेएचवी माल के अतिक्रमण को हटाने पहुंची टीम का नेतृत्व करने पहुंची अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ की गोद में एक साल का बेटा भी था। बेेटे को संभालते हुए उन्होंने ना केवल पूरे अभियान का नेतृत्व किया, बल्कि विरोध के बाद भी अतिक्रमण ध्वस्त कराकर ही लौटीं।
विज्ञापन

वाराणसी में पिछले दो साल से तैनात पीसीएस शुभांगी द्विवेदी पिछले आठ महीने से फील्ड में अपने दायित्व का निर्वहन मातृत्व भाव के साथ कर रही हैं। सरकारी काम निपटाने के दौरान उन्हें अपनी संतति का पूरा ख्याल रहता है। कार्यालय में तो नहीं मगर, फील्ड में वे अपने एक साल के बच्चे को साथ रखती हैं। काम के दौरान जरा सी फुर्सत मिलने पर उसे दुलार करना भी नहीं भूलती। दायित्व निर्वहन के दौरान उनका वात्सल्य रस लोगों के लिए प्रेरणास्पद है। शुभांगी बताती हैं कि बेटा अभीष द्विवेदी एक साल एक महीने का है और कई बार अकेला नहीं रहना चाहता। कार्यालय आने के दौरान कोशिश होती है कि उसे पति अभिषेक के पास छोड़ दूं, मगर फील्ड में उसे साथ ले जाती हूं। उनका कहना है कि फील्ड में स्थिति कई बार विषम बनने की आशंका होती है। मगर, इसमें मैं मातृत्व को आडे़ नहीं आने देता चाहती। मूल रूप से बांदा की रहने वाली शुभांगी की शादी मिर्जापुर के अभिषेक द्विवेदी के साथ हुई है। जुलाई 2016 में पीसीएस में चयन के बाद 25 अक्तूबर 2017 से बनारस में तैनात हैं। मातृत्व अवकाश के बाद दो फरवरी 2019 से वे लगातार अपने नौनिहाल के साथ फील्ड में सक्रिय हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed