{"_id":"5bc74bf1bdec2269bd069b41","slug":"obscene-movies-sent-to-police-whatsapp-group-in-azamgarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपीः पुलिस थानों में बनें वाट्सएप ग्रुप में भेजी जा रहीं अश्लील फिल्में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीः पुलिस थानों में बनें वाट्सएप ग्रुप में भेजी जा रहीं अश्लील फिल्में
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 18 Oct 2018 10:02 AM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में डीजीपी के निर्देश पर सभी थानों की तरफ से सोशल नेटवर्किंग बढ़ाने के लिए वाट्सएप पर थाने के नाम से वालंटियर ग्रुप बनाया गया है। थाना प्रभारी इसके ग्रुप एडमिन बनाए गए हैं। आजमगढ़ के कुछ थानों में ग्रुप में अश्लील फिल्में भेजी जा रहीं हैं। अश्लील वीडियो और फोटो भेजने वाले भी सिपाही ही हैं।
इस प्रकार का मामला देवगांव, गंभीरपुर सहित अन्य थाना क्षेत्रों में उजागर हुआ हैं। ग्रुप में शामिल संभ्रांत लोगों के विरोध पर आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय अधिकारी मामले को दबाकर शांत हो गए।
बता दें कि इन ग्रुप का मुख्य उद्देशय बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने, घटनाओं की तुरंत जानकारी, ज्वलंत मुद्दों को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए डीजीपी के निर्देश पर सभी थानों का अलग-अलग डिजिटेल वालंटियर वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है।
विज्ञापन
इस ग्रुप के एडमिन थानाध्यक्ष, थाने के साइबर सेल आदि से संबंधित पुलिसकर्मियों को बनाया गया है। प्रत्येक थानों के ग्रुप में 250 से अधिक लोगों को शामिल किया जाना था। इसमें थाना क्षेत्र के रिटायर शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, सेना के जवान, क्षेत्र के बड़े व्यापारी, सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को जोड़ा जाना था।
ग्रुप बनाते समय पुलिसवालों महज खाना पूर्ति करते हुए उसमें थानों के सिपाही और दरोगा को भी जोड़ दिया। वर्तमान इनका स्थानांतरण होने पर ये दूसरे थानों में जा चुके हैं। इस ग्रुप में अश्लील फिल्म, अश्लील गानें और प्रचार संबंधी पोस्टर भेजे जा रहे हैं।
विज्ञापन
इस प्रकार का मामला देवगांव, गंभीरपुर सहित अन्य थाना क्षेत्रों में उजागर हुआ हैं। ग्रुप में शामिल संभ्रांत लोगों के विरोध पर आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय अधिकारी मामले को दबाकर शांत हो गए।
विज्ञापन
बता दें कि इन ग्रुप का मुख्य उद्देशय बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने, घटनाओं की तुरंत जानकारी, ज्वलंत मुद्दों को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए डीजीपी के निर्देश पर सभी थानों का अलग-अलग डिजिटेल वालंटियर वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है।
विज्ञापन
इस ग्रुप के एडमिन थानाध्यक्ष, थाने के साइबर सेल आदि से संबंधित पुलिसकर्मियों को बनाया गया है। प्रत्येक थानों के ग्रुप में 250 से अधिक लोगों को शामिल किया जाना था। इसमें थाना क्षेत्र के रिटायर शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, सेना के जवान, क्षेत्र के बड़े व्यापारी, सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को जोड़ा जाना था।
ग्रुप बनाते समय पुलिसवालों महज खाना पूर्ति करते हुए उसमें थानों के सिपाही और दरोगा को भी जोड़ दिया। वर्तमान इनका स्थानांतरण होने पर ये दूसरे थानों में जा चुके हैं। इस ग्रुप में अश्लील फिल्म, अश्लील गानें और प्रचार संबंधी पोस्टर भेजे जा रहे हैं।
संभ्रांत लोगों में नाराजगी
demo pic
गंभीरपुर थाने के इस ग्रुप में करीब एक हफ्ते पहले किसी ने अश्लील वीडियो भेज दिया। देवगांव कोतवाली के ग्रुप में भी कई बार अश्लील वीडियो भेजा गया। इससे संभ्रांत लोगों में नाराजगी है। लोगों के मुताबिक यह क्रम थानों के इस ग्रुप में लगातार देखने को मिल रहा। कई बार दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की गई।
वहीं थानाध्यक्ष और उच्चाधिकारी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने में जुट गए हैं। देवगांव कोतवाली पुलिस की तरफ से बनाए गए ग्रुप में दो दिन पूर्व अश्लील वीडियो भेजने वाला जनपद के एक थाने पर तैनात सिपाही है। वो पूर्व में देवगांव कोतवाली में रह चुका है।
गंभीरपुर थाने के ग्रुप में मैसेज भेजने वाले की पहचान हो चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों की पहचान होने के बाद भी इनके विरुद्ध अब तक कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस के ग्रुप में अश्लील फिल्में डालने वालों को ग्रुप से बाहर कर दिया गया है। उनकी पहचान कराई जा रही है। शिनाख्त होते ही उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वहीं थानाध्यक्ष और उच्चाधिकारी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने में जुट गए हैं। देवगांव कोतवाली पुलिस की तरफ से बनाए गए ग्रुप में दो दिन पूर्व अश्लील वीडियो भेजने वाला जनपद के एक थाने पर तैनात सिपाही है। वो पूर्व में देवगांव कोतवाली में रह चुका है।
गंभीरपुर थाने के ग्रुप में मैसेज भेजने वाले की पहचान हो चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों की पहचान होने के बाद भी इनके विरुद्ध अब तक कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश है।
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस के ग्रुप में अश्लील फिल्में डालने वालों को ग्रुप से बाहर कर दिया गया है। उनकी पहचान कराई जा रही है। शिनाख्त होते ही उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।