{"_id":"5b507fbd4f1c1b3f748b5bf9","slug":"nri-will-see-mini-india-in-kashi-at-nri-summit-2019","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एनआरआई समिट: अप्रवासियों को काशी में दिखाएंगे मिनी इंडिया की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनआरआई समिट: अप्रवासियों को काशी में दिखाएंगे मिनी इंडिया की झलक
शशांक मिश्र,अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 19 Jul 2018 05:40 PM IST
विज्ञापन
बनेगा ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का थ्रीडी मॉडल
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अप्रवासियों के दिलों में बसे भारत को काशी में ही दिखाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए देश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को अप्रवासी भारतीय सम्मेलन में भी स्थापित किया जाएगा। वाराणसी के प्रमुख चौराहों और स्थानों पर भी स्मारकों के जरिए मिनी इंडिया का लुक दिया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली की टीम की मदद से ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का थ्री डी मॉडल तैयार कराया जा रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न आयोजन स्थलों को मिनी इंडिया में तब्दील किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अप्रवासी भारतीय सम्मेलन के जरिए काशी को नई अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के आह्वान के बाद इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन
21 से 23 जनवरी 2019 को होने वाले अप्रवासी भारतीय सम्मेलन में सात हजार से ज्यादा अप्रवासी काशी आएंगे। तीन दिन तक काशी प्रवास के दौरान अप्रवासियों के मन में भारत की खूबसूरत छवि बनाने के लिए यहां मिनी इंडिया बसाया जाएगा।
इसमें संसद भवन, लाल किला, इंडिया गेट, गेटवे ऑफ इंडिया, बाबा विश्वनाथ मंदिर, गंगोत्री सहित ऐसी ऐतिहासिक और धार्मिक महात्म्य को आयोजन स्थल पर बसाया जाएगा। उसकी बेहतर अनुभूति के लिए इसका थ्री डी मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे लोगों को इन स्थानों का वास्तविक अनुभव हो सके।
विज्ञापन
आईआईटी दिल्ली की टीम की मदद से ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का थ्री डी मॉडल तैयार कराया जा रहा है। तीन दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न आयोजन स्थलों को मिनी इंडिया में तब्दील किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अप्रवासी भारतीय सम्मेलन के जरिए काशी को नई अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के आह्वान के बाद इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
विज्ञापन
21 से 23 जनवरी 2019 को होने वाले अप्रवासी भारतीय सम्मेलन में सात हजार से ज्यादा अप्रवासी काशी आएंगे। तीन दिन तक काशी प्रवास के दौरान अप्रवासियों के मन में भारत की खूबसूरत छवि बनाने के लिए यहां मिनी इंडिया बसाया जाएगा।
इसमें संसद भवन, लाल किला, इंडिया गेट, गेटवे ऑफ इंडिया, बाबा विश्वनाथ मंदिर, गंगोत्री सहित ऐसी ऐतिहासिक और धार्मिक महात्म्य को आयोजन स्थल पर बसाया जाएगा। उसकी बेहतर अनुभूति के लिए इसका थ्री डी मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिससे लोगों को इन स्थानों का वास्तविक अनुभव हो सके।
पीएम ने की है यादगार बनाने की अपील
यहां बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी दौरे में अप्रवासी भारतीय सम्मेलन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की बात कही है। ऐसे में अब मिनी इंडिया के जरिए यहां आने वाले अप्रवासियों को नया अनुभव कराया जाएगा।
अप्रवासी भारतीय सम्मेलन के बाद 24 जनवरी को मेहमानों को कुंभ दर्शन के लिए प्रयाग ले जाया जाएगा। 21 जनवरी से 24 जनवरी तक अप्रवासियों के भव्य स्वागत की तैयारी है। प्रयाग दर्शन के बाद इन्हें गणतंत्र दिवस समारोह का भी न्यौता दिया जाएगा।
अप्रवासी भारतीय सम्मेलन के बाद 24 जनवरी को मेहमानों को कुंभ दर्शन के लिए प्रयाग ले जाया जाएगा। 21 जनवरी से 24 जनवरी तक अप्रवासियों के भव्य स्वागत की तैयारी है। प्रयाग दर्शन के बाद इन्हें गणतंत्र दिवस समारोह का भी न्यौता दिया जाएगा।