मेड इन वाराणसी प्रीमियम पश्मीना अब बाजारों में: देशभर में 8 हजार शोरूम और ऑनलाइन होगी उत्पादों की बिक्री
वाराणसी के बुनकरों द्वारा तैयार प्रीमियर पश्मीना उत्पादों का लोकार्पण सर्किट हाउस में खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने किया। उन्होंने कहा कि पीएम का सपना था कि काशी के बुनकरों को नए काम से जोड़ा जाए।
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लेह लद्दाख के बाद अब काशी की पश्मीना देश में अपनी पहचान बनाने को तैयार है। लेह लद्दाख व जम्मू-कश्मीर के बाहर पहली बार काशी में भी इसका उत्पादन किया जा रहा है। उत्पादों की बिक्री खादी ग्रामोद्योग आयोग देशभर में 8 हजार शोरूम के साथ ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से करेगा।
काशी के बुनकरों द्वारा तैयार प्रीमियर पश्मीना उत्पादों का लोकार्पण शुक्रवार को सर्किट हाउस में खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने किया। उन्होंने कहा कि पीएम का सपना था कि काशी के बुनकरों को नए काम से जोड़ा जाए। उसी क्रम में यह काम शुरू किया गया। आज पीएम का सपना साकार हो रहा है।
बुनकरों का होगा कौशल विकास
काशी अपनी बुनकरी के लिए तो लेह लद्दाख पश्मीना के धागे के लिए जाना जाता है। इसके संयोजन से बनी पश्मीना शॉल की लोगों के बीच अलग पहचान होगी। इससे बुनकरों का कौशल विकास होगा वहीं लद्दाख में महिलाओं को भी स्थायी रोजगार मिलेगा। इस अवसर पर मंत्री रविंद्र जायसवाल, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, खादी ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक डीएस भाटी, लेह लद्दाख से कत्तिन सेरिंग चोरोन, सोनम अंगमा, जय प्रकाश गुप्ता, बुनकर अंसार रियाजुल हक, वकील अहमद, मो. शफीक, आमिर हसन आदि मौजूद रहे।
गाजीपुर और वाराणसी की चार संस्थाएं कर रहीं काम
खादी ग्रामोद्योग के तहत बनाए जा रहे पश्मीना उत्पादों के लिए चार संस्थाएं काम कर रही हैं। गाजीपुर की खादी कंबल उद्योग संस्थान, महादेव खादी ग्रामोद्योग संस्थान, ग्राम सेवा आश्रम शामिल हैं। वहीं, वाराणसी के सेवापुरी में कृषक विकास ग्रामोद्योग संस्थान द्वारा पश्मीना शॉल की बुनाई की जा रही है।