'योगी राज' में वीवीआईपी नहीं रहा मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र
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लोग चाहते हैं कि भले ही कोई मंत्री नहीं बना हो लेकिन विकास की दिशा में आजगमढ़ को उसका हक मिलना ही चाहिए।
जबकि इससे पहले नौ सीटों पर काबिज रही सपा सरकार में तीन मंत्री और तीन राज्यमंत्री थी लेकिन 2017 के चुनाव में सपा पांच सीटों पर सिमट कर रह गई जबकि मोदी लहर में भी भाजपा को सिर्फ एक फूलपुर पवई की सीट मिली।
उधर, भाजपा की सरकार बनने के बाद अब मुलायम का संसदीय क्षेत्र वीवीआईपी नहीं रहा।
वहीं सोशल मीडिया पर आजमगढ़ के लोगों को भाग्यशाली बताया जा रहा है कि उनसे 100 किमी दक्षिण में पीएम और 100 किमी उत्तर में पीएम हैं। वह जिससे मिलना चाहें मिलकर अपनी समस्या कह सकते हैं लेकिन यह तो कोई आजमगढ़ वालों से पूछे कि उन पर क्या बीत रही है।
लालबत्ती की चकाचौंध देखने की अभ्यस्त हो हुई यहां की जनता को अब लालबत्ती देखने को तरसना पड़ेगा। 2017 के विधानसभा चुनाव में जनपद से बीजेपी को मात्र एक सीट फूलपुर पवई में मिली। जिसका परिणाम रहा कि इस बार जनपद को एक लाल बत्ती भी नसीब नहीं हुई।
हालांकि लोगों द्वारा कयास लगाया जा रहा था कि फूलपुर पवई के भाजपा के निर्वाचित विधायक अरुणकांत यादव को योगी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
कई वर्षों से वीवीआईपी बना था आजमगढ़
वहीं, जब सपा का शासन आया तो बलराम यादव माध्यमिक शिक्षा मंत्री, बेसिक शिक्षा बाल विकास पुष्टाहार व ऊर्जा राज्यमंत्री वसीम अहमद और दुर्गा प्रसाद यादव वनमंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री बने। इनके अलावा, रामदुलार राजभर, नफीस अहमद, रामदर्शन यादव राज्यमंत्री बनाए गए।
रामआसरे विश्वकर्मा पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नियुक्त हुए। यहां तक कि समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव ने 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया था और उन्हें जीत मिली। तबसे आजमगढ़ जनपद वीवीआईपी जिला बन गया था।