फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Now meters up to 4 kW will also have MRI

Varanasi News: अब 4 किलोवाट तक के मीटरों की भी होगी एमआरआई

Mon, 12 Feb 2024 03:24 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Feb 2024 03:24 AM IST
विज्ञापन
Now meters up to 4 kW will also have MRI
पूर्वांचल डिस्कॉम अब एक से चार किलोवाट भार के बिजली कनेक्शनों के मीटरों की भी एमआरआई (मीटर रीड़िंग इंस्ट्रूमेंट) कराने की तैयारी में है। इसके लिए शुरुआत में कुछ क्षेत्र विशेष के मीटर चिह्नित किए गए हैं। इससे मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा। अभी पांच किलोवाट से अधिक भार के कनेक्शनों की एमआरआई कराई जाती है।
विज्ञापन



मीटरों के साथ छेड़छाड़ कर बिजली चोरी के मामले बढ़ गए हैं। बिजली चोरी के मद में बकाया लगभग 100 करोड़ रुपये बिजली निगम वसूल भी नहीं पाया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक हजारों बिजली चोरी के मामले डिस्कॉम के लिए सिरदर्द बने हैं। पिछले दिनों बनारस शहर के सोनिया पर मीटर के समीप स्विच लगाकर पांच किलोवाट की बिजली चोरी का मामला सामने आया था। मीटर की एमआरआई से ही इस मामले का पता चला था। कई बार बिजली मीटर लगाने वाला कर्मी भी मीटर के साथ छेड़छाड़ कर देते हैं, जिससे उपभोक्ता की बिल रीडिंग पर असर पड़ जाता है। ऐसे मामले सामने आने के बाद बिजली निगम ने 1 से 4 किलोवाट तक के मीटरों की एमआरआई कराने का मन बना लिया है। इस श्रेणी में सबसे ज्यादा घरेलू बिजली कनेक्शनधारक हैं।
विज्ञापन

अब तक 5 किलोवाट से ऊपर की होती है एमआरआई
अब तक पांच किलोवाट या उससे ऊपर के भार वाले कनेक्शनों के मीटरों की एमआरआई कराई जाती है। पहले 10 किलोवाट और उससे अधिक के मीटरों की एमआरआई कराई जाती थी। मगर, दो महीने पूर्व 5 से 9 किलोवाट के मीटरों को भी एमआरआई की श्रेणी में ला दिया गया। सोनिया की बिजली चोरी मामले का खुलासा भी इसीलिए हो पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह होती है एमआरआई
एमआरआई वाले मीटरों में चिप की शक्ल में एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगा दिया जाता है। इससे मीटर का पूरा डेटा एक फाइल में एकत्र होता रहता है। इसमें मीटर के साथ की जाने वाली छेड़छाड़ या मीटर लगाने वाली एजेंसी के कर्मचारी की कारस्तानी का रिकाॅर्ड भी स्टोर हो जाता है। एमआरआई के समय इंजीनियर उसी डेटा का विश्लेषण कर मीटर का पूरा ब्योरा प्राप्त कर लेता है।

बिजली निगम 1 से 4 किलोवाट के बिजली कनेक्शनों की एमआरआई की तैयारी कर रहा है। पहले कुछ चिह्नित मीटरों की एमआरआई कराई जाएगी। इसके बाद यह व्यवस्था आगे बढ़ाई जा सकती है।
- अनिल वर्मा, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed