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अब शादीशुदा शोधार्थियों के लिए मैरिड हॉस्टल
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 18 Jul 2016 02:15 AM IST
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बीएचयू के शादीशुदा शोधार्थियों के लिए एक अच्छी खबर है। अब उनको सामान्य हॉस्टल में नहीं रहना होगा। संस्थान उनको रहने के लिए अलग से मैरिड हॉस्टल मुहैया कराएगा। फिलहाल एक मैरिड हॉस्टल उपलब्ध है जिसमें पचास शोधार्थी, पत्नी और बच्चों के साथ रह सकते हैं। संस्थान ऐसे शोधार्थियों को इसी सत्र से ये सुविधा देने जा रहा है।
आईआईटी बीएचयू में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र रिसर्च करने आते हैं। इनमें ऐसे शोधार्थी भी हैं जो शादीशुदा हैं। अधिकांश शोध के दबाव और अध्ययन में व्यस्त होने के कारण ये छात्र घर नहीं जा पाते। इसका नतीजा कई बार पारिवारिक समस्याओं के रूप में सामने आता है। इन्हीं वजहों को ध्यान में रखते हुए आईआईटी बीएचयू यह पहल की है। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराया गया मैरिड हॉस्टल आवासनुमा है, जिनमें कमरों का निर्माण परिवार की जरूरतों के मुताबिक किया गया है।
इस सत्र के लिए मैरिड हॉस्टल में कमरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। इसके लिए केवल शादीशुदा शोधार्थी ही आवेदन कर सकते हैं। अगर हॉस्टल की कमी होगी तो शोधर्थियों को संस्थान एचआरए भी देगा।
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आईआईटी बीएचयू में देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्र रिसर्च करने आते हैं। इनमें ऐसे शोधार्थी भी हैं जो शादीशुदा हैं। अधिकांश शोध के दबाव और अध्ययन में व्यस्त होने के कारण ये छात्र घर नहीं जा पाते। इसका नतीजा कई बार पारिवारिक समस्याओं के रूप में सामने आता है। इन्हीं वजहों को ध्यान में रखते हुए आईआईटी बीएचयू यह पहल की है। संस्थान द्वारा उपलब्ध कराया गया मैरिड हॉस्टल आवासनुमा है, जिनमें कमरों का निर्माण परिवार की जरूरतों के मुताबिक किया गया है।
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इस सत्र के लिए मैरिड हॉस्टल में कमरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। इसके लिए केवल शादीशुदा शोधार्थी ही आवेदन कर सकते हैं। अगर हॉस्टल की कमी होगी तो शोधर्थियों को संस्थान एचआरए भी देगा।
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