अब श्मशान घाट पर भी सुरक्षित रखे जा सकेंगे शव, काशी के इस घाट पर मिलेगी मोर्चरी की सुविधा
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किसी का बेटा तो किसी की बेटी देश के दूर दराज वाले प्रदेशों में रह रहा होता है। ऐसे में किसी की मौत होने के बाद उनके परिजनों के आने तक डेड बॉडी को सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल हो जाता है। लोग बर्फ की सिल्लियों का सहारा लेते हैं लेकिन जब कभी यह काफी नहीं होता। इसके बाद भी थोड़ी लापरवाही होने पर शव से दुर्गंध आने लगता है।
इन सभी समस्याओं और लोगों को सुविधा देने के लिए वाराणसी नगर निगम हरिश्चंद्र घाट पर आधुनिक सुविधाओं वाला मोर्चरी बनवा रहा है। इसमें एक साथ एक दो नहीं बल्कि छह शवों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसका लाभ पुलिस को लावारिश शवों को रखने के लिए मिल सकेगा। नगर निगम के अधिशासी अभियंता अजय राम ने बताया कि यह सिस्टम पूरा तैयार हो रहा है। इसके कूलिंग सिस्टम के लिए 15 किलोवाट का बिजली का कनेक्शन लेना है, जिसके लिए बिजली विभाग को पत्र लिखा गया है।
ये मिलेगी सुविधा
अगर किसी को अपने घर के डेड बॉडी को सुरक्षित रखना है तो उसे नगर निगम से संपर्क करके घाट पर बने मोर्चरी में रख सकता है। इससे लिए उसे परिजनों के आने का समय बताना होगा। इस दौरान वहां का कर्मचारी उसका कूलिंग सिस्टम चाूल कर देगा। इससे वह डेड बॉडी खराब नहीं होगी। इसमें लगा सिस्टम 5 डिग्री से नीचे तापमान रखेगा। इससे बॉडी को काफी समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
शवदाह चालू न होने का कांग्रेस ने किया विरोध
महासचिव राघवेंद्र चौबे ने कहा कि यह सरकार की जुमलेबाजी को प्रदर्शित करता है। पूर्व विधायक अजय राय ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार इस तरह की जनता को गुमराह करने वाली बहुत सारी योजनाएं चला रही हैं, बनारस में भी कई योजनाएं फर्जी हैं।
जिला अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, महानगर अध्यक्ष सीताराम केसरी ने कहा कि इसे जल्द से जल्द चालू किया जाए वह जनहित को ध्यान में रखते हुए इसकी दर कम से कम रखा जाए। प्रदेश महासचिव ने कहा कि अधिकारी की ओर से आश्वासन मिला है, इसके बाद भी अगर चालू नहीं होता है तो 11 अगस्त को प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाया जाएगा।