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वाराणसीः संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में अब तीन माह का पौरोहित्य कोर्स, जताईं रोजगार की अपार संभावनाएं
Fri, 31 Jan 2020 03:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 31 Jan 2020 03:27 AM IST
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के योग साधना केंद्र में बृहस्पतिवार को तीन महीने का पौरोहित्य एवं योग प्रशिक्षण कोर्स शुरू किया गया। इसका शुभारंभ कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ की ओर से संचालित होने वाला यह कोर्स छात्रों को रोजगार पाने में सहायक होगा।
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कुलपति ने कहा कि वर्तमान में पौरोहित्य कार्य विश्व पटल पर छाया हुआ है। कई देशों के लोग भारत के विद्यार्थियों की मांग करते हैं। लिहाजा, इस कोर्स से रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन विधा है। स्वास्थ्य की महत्ता तब होगी, जब हम योगी भाव में होंगे। इसके माध्यम से स्वस्थ काया स्वस्थ राष्ट्र का संदेश भी जाएगा।
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यह प्रशिक्षण कार्य अनवरत चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह प्रशिक्षण कोर्स सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए शुरू किया गया है। इस दौरान प्रो. हेतराम कछवाह, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, डॉ. जयंत पति त्रिपाठी, डॉ. रविशंकर पांडेय, डॉ. हरिबंश और उपेंद्र दुबे मौजूद रहे।
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