वाराणसी जिले के अस्पतालों में आग से सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम नहीं
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वाराणसी जिले में सरकारी और कई निजी अस्पतालों में आग से सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में अग्निशमन विभाग की उदासीनता और अस्पतालों के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही से किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध रावतपुर स्थित एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के आईसीयू के भीतर स्टोर रूम में रविवार सुबह आग लगने से दो मरीजों की मौत हो गई थी।
10 मार्च की सुबह महमूरगंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू के समीप लगे इलेक्ट्रानिक पैनल में आग लगने से हड़कंप मच गया था। आनन-फानन अस्पताल की खिड़कियां तोड़ कर आईसीयू के मरीजों को सीसीयू में भर्ती किया गया था। अग्निशमन विभाग की जांच में सामने आया था कि अस्पताल के पास आग से सुरक्षा के मुकम्मल इंतजाम के लिए नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं है।
उसी दौरान यह भी सामने आया था कि आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण शहर के 52 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद अग्निशमन विभाग ने एकाध-दो दिन सक्रियता दिखाई और फिर सब कुछ जस का तस चलने लगा। इस संबंध में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से निरंतर चेकिंग की जाती है। जहां खामियां मिलती हैं वहां कार्रवाई भी की जाती है। होली बाद एक बार फिर अस्पतालों में आग से सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित कराने के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा।