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प्रवासी भारतीय सम्मेलन के समय गंगा में नहीं आ सकेगी बाहरी नाव, पुख्ता होंगे सुरक्षा के इंतजाम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 09 Dec 2018 03:46 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रवासी भारतीय दिवस के समय कोई भी बाहरी नाव काशी में प्रवेश नहीं कर सकेगी। स्थानीय नावों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां तैयारी कर रही हैं। गंगा में चलने वाली सभी नावों का डाटा एकत्र किया जा रहा है, ताकि उनकी कोडिंग कर दी जाए और किसी भी घटना के समय नावों को पकड़ा जा सके। वहीं घाटों पर चेकिंग भी शुरू हो गई है।
21 से 23 जनवरी तक प्रवासी भारतीय सम्मेलन होना है। सुरक्षा के लिए जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने लगतार चेकिंग शुरू कर दी है। इसमें घाटों के अलावा घाट किनारे स्थित होटल, धर्मशाला और पेईंग गेस्ट में आने वाले श्रद्धालुओं की भी जांच की जा रही है। साथ ही नावों की चेकिंग के अलावा उनका पूरा विवरण तैयार किया जा रहा है। किस घाट से कौन सी नाव चल रही है और उसक मालिक कौन है। इसकी जानकारी ली जा रही है।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सभी नावों की कोडिंग करके हर नाव को एक नंबर देंगी। अगर कोई घटना-दुर्घटना घटेगी तो उस नंबर से नाव के मालिक का पता लगाया जा सकेगा। वहीं कोड होने पर बाहर से आने वाली नावों को भी आसानी से ट्रैस किया जा सकेगा।
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गंगा में चल रही करीब एक हजार छोटी बड़ी नाव
गंगा में इस समय छोटी, बड़ी नावें, बजड़ा, क्रूज, मोटर बोट, स्पीड बोट के अलावा शव वाहिनी, एनडीआरएफ, जल पुलिस, नगर निगम की मिलाकर करीब एक हजार नावें चल रही हैं। इनमें से 70 प्रतिशत नावें ही संचालित होती हैं, जबकि बाकी की नावें कभी कभी ही चलती हैं। इसलिए इन नावों की लिस्टिंग की जा रही है।
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21 से 23 जनवरी तक प्रवासी भारतीय सम्मेलन होना है। सुरक्षा के लिए जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने लगतार चेकिंग शुरू कर दी है। इसमें घाटों के अलावा घाट किनारे स्थित होटल, धर्मशाला और पेईंग गेस्ट में आने वाले श्रद्धालुओं की भी जांच की जा रही है। साथ ही नावों की चेकिंग के अलावा उनका पूरा विवरण तैयार किया जा रहा है। किस घाट से कौन सी नाव चल रही है और उसक मालिक कौन है। इसकी जानकारी ली जा रही है।
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प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सभी नावों की कोडिंग करके हर नाव को एक नंबर देंगी। अगर कोई घटना-दुर्घटना घटेगी तो उस नंबर से नाव के मालिक का पता लगाया जा सकेगा। वहीं कोड होने पर बाहर से आने वाली नावों को भी आसानी से ट्रैस किया जा सकेगा।
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गंगा में चल रही करीब एक हजार छोटी बड़ी नाव
गंगा में इस समय छोटी, बड़ी नावें, बजड़ा, क्रूज, मोटर बोट, स्पीड बोट के अलावा शव वाहिनी, एनडीआरएफ, जल पुलिस, नगर निगम की मिलाकर करीब एक हजार नावें चल रही हैं। इनमें से 70 प्रतिशत नावें ही संचालित होती हैं, जबकि बाकी की नावें कभी कभी ही चलती हैं। इसलिए इन नावों की लिस्टिंग की जा रही है।
बनारस के विकास से रूबरू कराएगी कॉफी टेबल बुक
प्रवासी मेहमानों को बदलते हुए बनारस की तस्वीर दिखाने के लिए जिला प्रशासन कॉफी टेबल बुक तैयार करेगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेरी काशी विकास के पथ पर’ पुस्तक की तर्ज पर बदलते बनारस की कहानी बताएगी। इसमें प्राचीन काशी से वर्तमान काशी के सफर को शामिल किया जाएगा।
वाराणसी में जल, थल, सड़क मार्ग के विकास, शहर को नई पहचान देने वाली परियोजनाओं समेत अन्य पहलुओं को शामिल करने की तैयारी है। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी सम्मेलन में आने वाले पांच हजार मेहमानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद के दौरान काफी टेबल बुक दी जाएगी। प्रवासियों के लिए काशी के पर्यटन स्थलों पर विशेष सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसमें उनके लिए क्यू लेस सुविधा के साथ ही सेल्फी प्वाइंट भी होंगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काफी टेबल बुक तैयार कराई जा रही है।
प्रवासी सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए शहर के सभी होटल्स, सार्वजनिक स्थल, गंगा घाट सहित अन्य जगहों पर अब से खुफिया इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है। ताकि यहां की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
वाराणसी में जल, थल, सड़क मार्ग के विकास, शहर को नई पहचान देने वाली परियोजनाओं समेत अन्य पहलुओं को शामिल करने की तैयारी है। 21 से 23 जनवरी तक होने वाले प्रवासी सम्मेलन में आने वाले पांच हजार मेहमानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवाद के दौरान काफी टेबल बुक दी जाएगी। प्रवासियों के लिए काशी के पर्यटन स्थलों पर विशेष सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसमें उनके लिए क्यू लेस सुविधा के साथ ही सेल्फी प्वाइंट भी होंगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काफी टेबल बुक तैयार कराई जा रही है।
प्रवासी सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए शहर के सभी होटल्स, सार्वजनिक स्थल, गंगा घाट सहित अन्य जगहों पर अब से खुफिया इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है। ताकि यहां की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।