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UP Politics: सीएम योगी बोले- सपा ने भदोही का नाम बदलने का पाप किया था, अब वह संत रविदास के नाम से जाना जाएगा

Wed, 29 Jul 2026 04:45 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 29 Jul 2026 04:45 PM IST
सार

Varanasi News: संत रविदास के 650वीं जयंती वर्ष पर सीर गोवर्धन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। सीएम योगी ने कहा कि भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा। वहीं, बिहार उपचुनाव के कारण भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा रद्द हो गया।

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CM Yogi said SP committed sin of changing Bhadohi name now will be known  Saint Ravidas nagar
सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

CM Yogi in Varanasi: सपा ने भदोही का नाम बदलने का पाप किया था। अब वह संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा। ये बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संत रविदास के 650 वें जयंती वर्ष के कार्यक्रम के दौरान कही। सीएम योगी ने काशी के सीरगोवर्धन जाकर संत रविदास मंदिर में मत्था टेका और रविदास स्मारक में विशाल कांस्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा भदोही का नाम हमारी संत रविदास में मौजूद आस्था को दर्शाएगा। सीएम बोले, संत रविदास ने संत रामानंद के अभियान को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के कल्याण के लिए चरितार्थ किया। इसी तरह भाजपा की सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति का कल्याण करके विकसित भारत के अभियान को आगे बढ़ा रही है। भाजपा पूरे देश में संत रविदास के सामाजिक समरसता के अभियान को घर- घर पहुंचाएगी। इसका संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया था। संत रविदास ने जो संदेश 650 वर्ष पहले दिया था उसे युवा पीढ़ी भी जान सकेगी।
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उन्होंने कहा कि संत रविदास ने मां गंगा के प्रति अपनी असीम भक्ति प्रदर्शित करते हुए 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' को उल्लेखित किया था। सीएम बोले, संत रविदासजी कहते थे कि ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न… उसको प्रधानमंत्री ने पूरा करने का कार्य अन्न योजना से किया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, बिना जात पात देखे वर्ष 2020 से निरंतर 81 करोड़ लोगों तक पहुंचाई जा रही है।

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'उनके आदर्श बाबर और औरंगजेब हैं'

CM Yogi said SP committed sin of changing Bhadohi name now will be known  Saint Ravidas nagar
संत रविदास का पूजन करते सीएम योगी। - फोटो : संवाद

योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने कन्नौज के बाबा आंबेडकर मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था, जिसे हमने फिर बाबा आंबेडकर के नाम पर किया है। उन्होंने औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम भी माता अहिल्याबाई के नाम से बदल दिया था। जालंधर एयरपोर्ट का नामकरण संत रविदास और अयोध्या अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम संत वाल्मीकि के नाम पर किया गया है। यह बात बांटने वाले लोग स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके आदर्श बाबर और औरंगजेब हैं।

उन्होंने कहा निर्माण श्रमिकों के लिए सरकार ने उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए 18 मंडलों पर अटल आवासीय विद्यालय बनाए हैं। जिसमें वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर है। सीएम ने कहा कि सरकार प्रदेश में सभी जिलों में बाबा आंबेडकर के नाम पर मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय बनाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी एलान किया कि आंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर छत लगवाई जाएगी और पार्क की बाउंड्री बनवाई जाएगी।

सपा की साइकिल में दो पहिए हैं, एक गुंडागर्दी का एक तुष्टिकरण का : केशव प्रसाद मौर्य

इस कार्यक्रम में सीएम योगी के साथ डेरा सच्चा पंथ के प्रमुख संत निरंजन दास महाराज, जगदगुरू नरेंद्रानंदजी महाराज, प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम व तरुण चुग, अनुसूचित मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, उत्तराखंड के मंत्री खजान दास, दिल्ली सरकार के मंत्री रविन्द्रजी, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु , असीम अरुण, हंसराज विश्वकर्मा, संजीव गोंड़, रविंद्र जायसवाल, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया मौजूद रहे।

संत रविदास के विचार समाज को दिशा देने का काम कर रहे : अर्जुनराम मेघवाल
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि संत रविदास केवल संत ही नहीं बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान विचारक थे। जब संविधान सभा में संविधान के मूल सिद्धांतों पर चर्चा हो रही थी, तब स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे जैसे शब्दों को लेकर व्यापक बहस हुई थी। उस दाैरान डॉ. भीमराव आंबेडकर ने स्पष्ट किया था कि समानता और भाईचारे की भावना ब्रिटिश परंपरा से नहीं बल्कि भारतीय संत परंपरा और विशेष रूप से संत रविदास के विचारों से प्रेरित है। संत रविदास ने सदियों पहले ही जाति-पात और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां सभी लोगों को समान सम्मान और अवसर प्राप्त हों। यही भावना भारतीय संविधान की आत्मा में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

कुछ राजनीतिक दल कर रहे जाति आधारित राजनीति : पंकज चौधरी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि संत रविदास सबके हैं और हम सब रविदास जी के हैं। संत रविदास ने समाज को समानता और सामाजिक परिवर्तन का संदेश दिया जबकि कुछ राजनीतिक दल केवल जाति आधारित राजनीति करते हैं। भाजपा की राजनीति संतों के आदर्शों और संस्कारों से प्रेरित होकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करती है। संत रविदास को जो सम्मान आज मिल रहा है, वह स्वतंत्रता के बाद ही मिल जाना चाहिए था। भाजपा सरकार ने संत रविदास के जीवन, विचारों और समाज सुधार के कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने काम कर रही है। संतों, महापुरुषों की विरासत को संरक्षित कर उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।

जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने का संदेश दिया : लाल सिंह आर्य
भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ऐसे समय में प्रकट हुए जब भारतीय समाज सामाजिक विषमताओं, भेदभाव और कुरीतियों से जूझ रहा था। संत रविदास का स्पष्ट संदेश था कि व्यक्ति की पहचान उसके जन्म से नहीं बल्कि उसके कर्म, गुण और चरित्र से होती है। संत रविदास की प्रसिद्ध वाणी जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एकजुट होने की प्रेरणा देती है।

संत रविदास की जन्मस्थली की पावन मिट्टी 131 कलशों में रख देशभर में जाएगी - चुग
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि संत गुरु रविदास की जन्मस्थली की पावन मिट्टी का विधिवत पूजन कर उसे 131 कलशों में संग्रहित किया गया है। यह पवित्र मिट्टी देशभर के 20,000 से ज्यादा स्थानों तक पहुंचाई जाएगी ताकि संत रविदास के विचारों और संदेशों का व्यापक प्रसार हो सके। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को संत रविदास के आदर्शों से जोड़ना और उनके संदेशों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना है। तरुण चुग ने संत रविदास को भक्ति आंदोलन का महान संत बताया और कहा कि उन्होंने भक्ति का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया। बेगमपुरा की ऐसी कल्पना की जहां दुख, भेदभाव और असमानता का कोई स्थान न हो प्रत्येक व्यक्ति सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जी सके।

32 साल में पांचवीं बार बदलेगा भदोही का नाम
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार एक बार फिर भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर करने जा रही है। 32 साल में जिले का पांचवीं बार नाम बदलेगा। मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध भदोही नब्बे के दशक में वाराणसी जिले की एक तहसील रही। उसी दौरान प्रदेश में छोटे जिलों की मांग तेज हुई। भदोही को भी नया जिला बनाने को लेकर विभिन्न संगठनों ने आवाज बुलंद की। एक दशक से चल रही मांग 1994 में पूरी हुई।

तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 30 जून 1994 को भदोही को अलग जिला बनाया। वाराणसी से कटकर भदोही प्रदेश का 66वां जिला बना। पहली बार 1997 में भाजपा और बसपा की गठबंधन सरकार में भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर किया गया। इसी बीच निर्यातकों की मांग पर 1999 में भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री रामप्रकाश गुप्ता ने संत रविदास नगर भदोही कर दिया था। यानी नाम के आगे भदोही लगा दिया था।

2012 में सपा की सरकार बनी और 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संत रविदास नगर से बदलकर भदोही कर दिया। अब भाजपा की सरकार संत रविदास नगर करने जा रही है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से इसकी घोषणा की।
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