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विशेष बातचीत: मिर्जापुर की बेटी का केस लड़ेंगी निर्भया की अधिवक्ता, बोलीं- पीड़ित परिवारों को कानून की जानकारी नहीं होती
Sat, 01 Jan 2022 10:18 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 01 Jan 2022 10:18 AM IST
सार
नई दिल्ली की निर्भया को इंसाफ दिलाने वाली अधिवक्ता सीमा समृद्धि अब मिर्जापुर की बेटी को न्याय दिलाएंगी। अमर उजाला से बातचीत में कहा कि दिल्ली में रहकर यहां का केस लड़ना मुश्किल तो है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है।
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अधिवक्ता सीमा समृद्धि
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नई दिल्ली की निर्भया का केस लड़ने वाली अधिवक्ता सीमा समृद्धि ने कहा कि मिर्जापुर में नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म का केस लड़ेंगी। सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा ने शुक्रवार को एक होटल में अमर उजाला से बातचीत में कहा कि पीड़ित परिवारों को कानूनी जानकारी नहीं मिलने से दुष्कर्म के आरोपी बच जाते हैं।
उन्होंने कहा, कानून में सुधार की आवश्यकता है। दुष्कर्म के पीड़ित परिवार को चार्जशीट दाखिल होने के बाद जानकारी मिलती है, वह जानकारी पहले होनी चाहिए। ताकि वह सही ढंग से मुकदमा पंजीकृत करवा सकें। सीमा समृद्धि ने बताया कि जब कोर्ट में केस पहुंचता है, तब उन परिवारों को समस्या होती है। इसी का लाभ लेकर अपराधी छूट जाते है। दुष्कर्म के 70 प्रतिशत मामलों में पीड़िता अपने साथ दुष्कर्म हुआ न कहकर बल्कि गलत हुआ कहती हैं।
मिर्जापुर केस में उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहकर यहां का केस लड़ना मुश्किल तो है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है। अपराधियों को फांसी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्भय केस के बाद सरकार ने कानून में बदलाव तो जरूर किया है लेकिन उसे लागू नहीं करा पा रही है।
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उन्होंने कहा, कानून में सुधार की आवश्यकता है। दुष्कर्म के पीड़ित परिवार को चार्जशीट दाखिल होने के बाद जानकारी मिलती है, वह जानकारी पहले होनी चाहिए। ताकि वह सही ढंग से मुकदमा पंजीकृत करवा सकें। सीमा समृद्धि ने बताया कि जब कोर्ट में केस पहुंचता है, तब उन परिवारों को समस्या होती है। इसी का लाभ लेकर अपराधी छूट जाते है। दुष्कर्म के 70 प्रतिशत मामलों में पीड़िता अपने साथ दुष्कर्म हुआ न कहकर बल्कि गलत हुआ कहती हैं।
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मिर्जापुर केस में उन्होंने कहा कि दिल्ली में रहकर यहां का केस लड़ना मुश्किल तो है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है। अपराधियों को फांसी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्भय केस के बाद सरकार ने कानून में बदलाव तो जरूर किया है लेकिन उसे लागू नहीं करा पा रही है।
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अधिवक्ता सीमा समृद्धि ने कहा कि दुष्कर्म केस में समय बहुत लगता है। ऐसे केसों को पूरे देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर त्वरित निस्तारण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि दुष्कर्म से जुड़े मुकदमे वह फ्री में लड़ती हैं और आरोपियों को सजा दिलवाती है।
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