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बलियाः निर्भया ज्योति यात्रा पहुंची बिटिया के गांव, डीएम और एसपी ने बढाया मनोबल

Thu, 28 Dec 2017 10:29 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Thu, 28 Dec 2017 10:29 PM IST
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Nirbhaya jyoti yatra reached village in ballia
निर्भया ज्योति यात्रा - फोटो : अमर उजाला
महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर लखनऊ से शुरू हुई निर्भया ज्योति यात्रा गुरुवार को निर्भया के गांव पहुंच कर समाप्त हुई। जगह-जगह यात्रा का समर्थन किया गया। वहीं निर्भया यात्रा के सदस्यों ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि वह उनके लड़ाई में सहयोग रहेगा। इससे पूर्व बुधवार को यही यात्रा रागिनी के गांव पहुंची थी।
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निर्भया ज्योति यात्रा जिलाधिकारी आवास पर पहुंची, जहां जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम व एसपी ने सबका मनोबल बढ़ाया और महिला हिंसा को समाप्त करने को लेकर बालिकाओं से खुलकर बात की तथा आश्वासन दिया कि महिलाओं की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता में है।
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महिला व बच्चियों के साथ हो रहे हिंसा और यौन शोषण को रोकने के लिए निर्भया ज्योति ट्रस्ट, दिल्ली एवं महिला समाख्या, महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से रेड बिग्रेड ट्रस्ट शिक्षा व जागरूकता का कार्य निर्भया ज्योति यात्रा के माध्यम से कर रहा है। जिसका शुभारम्भ 17 दिसंबर को लखनऊ से हुआ था। यह यात्रा रायबरेली, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, भदोही, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ होते हुए बलिया पहुंची थी। 
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माल्यार्पण कर किया स्वागत

Nirbhaya jyoti yatra reached village in ballia
nirbhaya
बिटिया के गांव में गुरुवार को निर्भया ज्योति यात्रा पहुंची। यात्रा में शामिल लोगों का ग्रामीणों के साथ ही निर्भया के माता-पिता ने स्वागत किया। यात्रा पहुंचने को लेकर सुबह से ही गांव के लोग उत्साहित रहे।

बिटिया के गांव में निर्भया यात्रा पहुंचने पर इसमें शामिल लोगों ने निर्भया के गांव की मिट्टी को नमन किया। गांव की महिलाओं ने यात्रा में शामिल लोगों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

रेड ब्रिगेड का नेतृत्व कर रही पूजा विश्वकर्मा ने कहा कि आज हमारे समाज ने सड़कों को रात के वक़्त महिलाओं के लिए असुरक्षित कर दिया है। अब जरूरी है कि इस सवाल को तोड़ा जाए और इसे सिर्फ तभी तोड़ा जा सकता है।

 

जब महिलाएं ज्यादा से ज्यादा सड़कों पर आए और अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि रागिनी के साथ हुई घटना ने सबका दिल दहला दिया और सोचने पर मजबूर कर दिया की हम कहीं भी सुरक्षित नहीं है। 

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