फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Nine hours wait for salvation at Manikarnika Maha crematorium

महाश्मशान मणिकर्णिका पर मोक्ष के लिए नौ घंटे का इंतजार

Tue, 03 Aug 2021 01:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 01:27 AM IST
विज्ञापन
Nine hours wait for salvation at Manikarnika Maha crematorium
पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण बनारस में गंगा अब चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ने लगी हैं। जलस्तर बढ़ने से महाश्मशान मणिकर्णिका पर शवदाह के लिए आने वालों को आठ से नौ घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। मणिकर्णिका घाट पानी में डूबने के कारण अब छतों पर शवदाह शुरू हो चुका है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर रात 10 बजे 67.26 मीटर पहुंच गया।
विज्ञापन

सोमवार को महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया। गंगा के बढ़ाव के कारण शव यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घंटों इंतजार के बाद शवदाह का नंबर मिल रहा है। 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में सात फुट से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। गंगा में आई बाढ़ के कारण अब महाश्मशान में छतों पर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। नीचे के सभी प्लेटफार्म और लकड़ियां डूब चुकी हैं। शवदाह के लिए यात्रियों को आठ से नौ घंटे का इंतजार करने के बाद नंबर मिल रहा है।
विज्ञापन

स्थानीय दुकानदार और शवदाह कराने वाले डोमराजा परिवार के सदस्यों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। डोमराजा परिवार के सदस्यों ने बताया कि आम दिनों घाट पर जहां 30 से 40 शवों का अंतिम संस्कार किया जाता था, लेकिन बाढ़ के कारण प्लेटफार्म और सीढ़ियां पूरी तरह से डूब चुकी हैं। इसके कारण अब छतों पर शवदाह होने से लोगों का इंतजार करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह कम होने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चेतावनी बिंदु से तीन मीटर दूर हैं गंगा
24 घंटे में ही दो मीटर से ज्यादा हुआ बढ़ाव
बनारस में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से तीन मीटर नीचे है। बढ़ाव का आलम यह है कि बनारस में गंगा का जलस्तर सात दिनों में आठ मीटर से अधिक बढ़ चुका है। 24 घंटे में ही पानी का जलस्तर दो मीटर से ज्यादा बढ़ गया। यही रफ्तार रही तो अगले तीन दिनों में ही खतरे का निशान पार कर जाने की आशंका जताई जा रही है। गंगा के सभी 84 घाटों का संपर्क दो दिन पहले ही टूटने के बाद प्रमुख गंगा घाटों के आरती स्थल भी बदल गए हैं। तेजी से हो रहे बढ़ाव के कारण गंगा के साथ ही वरुणा नदी के किनारे रहने वालों में खलबली मची है। गंगा के पलट प्रवाह के कारण सबसे ज्यादा बाढ़ का कहर वरुणा किनारे रहने वालों को ही झेलना होता है।

जलचौकी तक पहुंचा पानी
गंगा का जलस्तर रविवार को 64.36 मीटर पर था, सोमवार की सुबह आठ बजे 66.52 मीटर तक पहुंच गया था। रात में 10 बजे गंगा का जलस्तर 67.26 मीटर दर्ज किया गया। सुबह 12 बजे तक गंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ाव जारी था लेकिन एक बजे से इसमें कमी आनी शुरू हो गई। शाम को पांच बजे से गंगा के जलस्तर में तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। बनारस में चेतावनी बिंदु 70.26 और खतरे का निशान 71.26 मीटर पर है। सोमवार की सुबह राजेंद्र प्रसाद घाट पर बने जलचौकी तक पानी पहुंच गया। चौबेपुर के ढाब क्षेत्र में भी गंगा का पानी सोते में प्रवेश कर गया है। ढाब क्षेत्र के लोगों को कटान का डर सताने लगा है। सोते में पानी घुसने से मोकलपुर गांव के संपर्क मार्ग पर पानी भर गया है और लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। इसी तरह से ढाब क्षेत्र के रमचंदीपुर, गोबरहां, छितौना, रेतापार, चांदपुर और आसपास के अन्य गांवों के लोगों की भी समस्याएं बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed