Fraud Case: नीलगिरी इंफ्रासिटी पर एक और बड़ी कार्रवाई, चंदौली में करोड़ों की अवैध संपत्ति को पुलिस ने किया जब्त
करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नीलगिरी इंफ्रासिटी कंपनी के प्रबंधक पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई जारी है। रविवार को चंदौली जिले में करोड़ों की अवैध संपत्ति को पुलिस ने जब्त किया है।
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जमीन, मकान, टूर पैकेज और विभिन्न स्कीम में निवेश कराने के नाम पर लोगों के करोड़ों रुपये हड़पने के आरोपी कंपनी नीलगिरी इंफ्रासिटी के संचालकों पर वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। रविवार को गैंगस्टर एक्ट के तहत चंदौली के ग्राम डांडी में नीलगिरी इंफासिटी के सदस्यों द्वारा अवैध रूप से अर्जित किए गए करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को जब्त कर लिया गया।
पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने डुगडुगी बजवाकर जमीन पर नोटिस बोर्ड लगवाया। इससे पहले शनिवार को बड़ागांव थाना के सिसवां रामपुर में पांच करोड़ 95 लाख मूल्य की जमीन और चार दिन पहले पूर्व रोहनिया के दरेखू में नीलगिरी कंपनी की दो करोड़ 21 लाख मूल्य की जमीन जब्त की गई थी।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के निर्देश पर रविवार को पुलिस और राजस्व टीम ने चंदौली जिले के मुगलसराय थाना अंतर्गत डांडी गांव में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की जब्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस टीम ने चेताया कि इस जमीन पर किसी भी तरह का कोई भी कार्य किसी ने किया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी, एमडी और प्रबंधक जेल में बंद
लुभावने ऑफर का झांसा देकर सैकड़ों निवेशकों संग करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाली नीलगिरी इंफ्रासिटी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी ऋतु सिंह, प्रबंधक प्रदीप यादव 31 अगस्त 2021 से जिला जेल में बंद हैं। तीनों के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उसी के तहत संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
चेतगंज, सिगरा और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में नीलगिरी इंफ्रासिटी के खिलाफ धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि कंपनी के सीएमडी, एमडी और प्रबंधक द्वारा अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त किया गया। फ्रॉड इन्वेस्टमेंट कंपनी एवं माफिया तत्वों के विरुद्ध वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।
शाइन सिटी कंपनी की जमीन भी होगी कुर्क, तैयार हो रही सूची
धोखाधड़ी के मामले में शाइन सिटी कंपनी के नाम दर्ज भूमि की पड़ताल जारी है। एडीसीपी वरुणा प्रबल प्रताप सिंह को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने जिम्मेदारी सौंपी है। जिले में शाइन सिटी की संपत्ति की सूची तैयार कराई जा रही है, पुलिस आयुक्त के अनुसार जो लोग इन जमीनों की खरीद फरोख्त में लगे हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जेपी मेहता रोड स्थित शाइन सिटी के कार्यालय में सैकड़ों लोगों ने जमीन में निवेश किया और उनके साथ करोड़ों की धोखाधड़ी की गई। निवेशकों का करोड़ों रुपये लेकर फरार कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम अब तक फरार है। जबकि इसके भाई एमडी आसिफ को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। चार दर्जन मुकदमे अकेले सिर्फ कैंट थाने में दर्ज हैं। इसमें आरोपी मंडुवाडीह के सिंधुरिया कालोनी निवासी कंपनी के एसोसिएट डायरेक्टर अमिताभ श्रीवास्तव, पत्नी ऊषा श्रीवास्तव सहित अन्य पांच आरोपी इस समय जिला जेल में बंद हैं।