गुजरात में हुई निधि की मौत: मर कर भी अमर हो गई काशी की बेटी, पीएम मोदी ने जताया शोक
बनारस की रहने वाली निधि श्रीवास्तव का गुजरात में हादसे के बाद निधन हो गया था। निधि की अंतिम इच्छा थी कि उसके मरने के बाद अंगदान कर दिया जाए ताकि किसी जरूरतमंद की जान बच सके।
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बनारस की रहने वाली निधि श्रीवास्तव का गुजरात में हादसे के बाद निधन हो गया था। निधन की सूचना जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली तो उन्होंने भी शोक संवेदना व्यक्त की और कार्यकर्ताओं को हरसंभव मदद करने का निर्देश भी दिया। परिजनों ने निधि के अंगों को दान कर दिया और उसका अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया गया।
सिगरा स्थित माधोपुर की रहने वाली निधि श्रीवास्तव के पिता सोनू लाल श्रीवास्तव पेशे से मजदूर हैं। निधि गुजरात के जामनगर में एक फैक्ट्री में काम करती थी। 14 मई को निधि काम के लिए घर से निकली तो रास्ते में सड़क हादसे का शिकार हो गई। उसको गंभीर चोट आई और सिर में ज्यादा चोट लगने से वह बेहोश हो गई थी।
राहगीरों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया और परिवार के लोगों को सूचित किया। घटना की जानकारी भाजपा के प्रदेश सहप्रभारी सुनील ओझा को मिली, इसके बाद अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में इलाज शुरू हुआ। छह दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 19 मई को निधि की मौत हो गई। मरने से पहले निधि की अंतिम इच्छा थी कि उसके मरने के बाद अंगदान कर दिया जाए ताकि किसी जरूरतमंद की जान बच सके। निधन के बाद निधि के हृदय, लीवर, किडनी, आंख को अस्पताल में दान कर दिया गया।
कार्यकर्ताओं से जब पीएम को निधि के मौत की जानकारी मिली तो उन्होंने गहरा दुख प्रकट किया और शोक संवेदना व्यक्त की। मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि 20 मई की देर रात निधि श्रीवास्तव का शव अहमदाबाद से एंबुलेंस के जरिये माधोपुर स्थित आवास पर लाया गया। इसके बाद शवयात्रा मध्यरात्रि में निकाली गई। मुखाग्नि बड़े भाई अतुल श्रीवास्तव ने दी। इस दौरान शिवशरण पाठक, विद्यासागर राय, राजेश त्रिवेदी, मधुप सिंह, शैलेंद्र मिश्रा, राजेश यादव चल्लू, सिंधु सोनकर, जगन्नाथ ओझा, रामशरण बिंद, पंकज पटेल अंतिम यात्रा में शामिल हुए।