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खबर का असर: बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में बदहाली पर पीएमओ गंभीर, जिलाधिकारी से मांगी रिपोर्ट
Fri, 24 Sep 2021 02:42 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 24 Sep 2021 02:42 PM IST
सार
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा दिए जाने की दिशा में कार्रवाई चल रही है लेकिन, अभी भी बीएचयू अस्पताल में जो वर्तमान में सुविधाएं हैं, उसका भी पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस समय सबसे खराब स्थिति अस्पताल की इमरजेंसी है।
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बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में बदहाली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में अव्यवस्थाओं, मरीजों की समस्याओं पर अमर उजाला में प्रकाशित खबरों का प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। मामले में जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की गई है। उधर पीएमओ का पत्र आने के बाद से जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बीएचयू के कुलपति को पत्र भेजकर ब्लड बैंक में एसडीपी किट खत्म होने, इमरजेंसी में स्ट्रेचर की कमी अग्निशमन यंत्र, टेलीफोन तार के सहारे इमरजेंसी वार्ड के गेट पर आईवी बॉटल लटकाने आदि खबरों के मामले में रिपोर्ट देने को कहा है। इधर पीएमओ की इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा है।
आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा दिए जाने की दिशा में कार्रवाई चल रही है लेकिन, अभी भी बीएचयू अस्पताल में जो वर्तमान में सुविधाएं हैं, उसका भी पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस समय सबसे खराब स्थिति अस्पताल की इमरजेंसी है। कभी चिल्ड्रेन वार्ड में बेड न मिलने की वजह से मेज पर दो बच्चे तो कभी एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है तो आए दिन इमरजेंसी वार्ड के गेट पर स्ट्रेचर पर भर्ती मरीज दिख जाएंगे।
यहीं नहीं मरीजों को जरूरत पड़ने पर आईवी (इंट्रावेनस) फ्लूड का बॉटल चढ़ाने के लिए तार तो कभी अग्निशमन यंत्र का सहारा लिया जा रहा है। अमर उजाला ने पिछले दस दिनों से लगातार मरीजों की समस्याओं को लेकर अलग-अलग खबरें प्रकाशित की।
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आईएमएस बीएचयू में एम्स जैसी सुविधा दिए जाने की दिशा में कार्रवाई चल रही है लेकिन, अभी भी बीएचयू अस्पताल में जो वर्तमान में सुविधाएं हैं, उसका भी पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस समय सबसे खराब स्थिति अस्पताल की इमरजेंसी है। कभी चिल्ड्रेन वार्ड में बेड न मिलने की वजह से मेज पर दो बच्चे तो कभी एक बेड पर दो बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है तो आए दिन इमरजेंसी वार्ड के गेट पर स्ट्रेचर पर भर्ती मरीज दिख जाएंगे।
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यहीं नहीं मरीजों को जरूरत पड़ने पर आईवी (इंट्रावेनस) फ्लूड का बॉटल चढ़ाने के लिए तार तो कभी अग्निशमन यंत्र का सहारा लिया जा रहा है। अमर उजाला ने पिछले दस दिनों से लगातार मरीजों की समस्याओं को लेकर अलग-अलग खबरें प्रकाशित की।
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जिलाधिकारी ने पीएमओ के पत्र का हवाला देते हुए कुलपति से जवाब देने के साथ ही जरूरी कार्रवाई की बात कही है। कुलपति ने भी अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले में रिपोर्ट देने को कहा है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में अव्यवस्था पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने जवाब मांगा है। इसके लिए बीएचयू के कुलपति को पत्र भेजकर प्राथमिकता के आधार पर जबाब उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। जवाब आने के बाद उसे प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा।