New Year 2022: काशी में गंगा पार रेती पर पर्यटन का होगा विस्तार, टेंट सिटी, पार्किंग बनाने सहित अन्य योजनाओं पर काम शुरू
गुजरात के कच्छ में बने रणक्षेत्र की तर्ज पर ही काशी में गंगा पार पर्यटन को विस्तार दिया जा रहा है। इसमें रेत पर टेंट सिटी बनाई जाएगी।
विस्तार
दुनिया को रिझाने वाले काशी के घाटों के ठीक सामने गंगा पार रेती पर भी पर्यटन का नया केंद्र आकार लेगा। पहले से प्रस्तावित टेंट सिटी, पार्किंग सहित अन्य काम पर काम शुरू हो गए हैं। गुजरात के कच्छ में बने रणक्षेत्र की तर्ज पर ही काशी में गंगा पार पर्यटन को विस्तार दिया जा रहा है। इसमें रेत पर टेंट सिटी बनाई जाएगी।
जिस तरह की योजना बनी है, उसमें गंगापार 700 टेंट बनने हैं। इसके बनकर तैयार हो जाने के बाद पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी। इसको बिल्कुल उसी तरह देखा जा रहा है, जैसे कि काशी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में टेंट सिटी विकसित किया गया था। पर्यटन विभाग की ओर से तैयार योजना के मुताबिक गंगा पार रेत पर टेंट सिटी बनाए जाने के साथ ही पार्किंग भी बनाई जाएगी। पर्यटन विभाग ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है।
साल में दो बार होगी बुकिंग
गंगा पार जिस तरह रेती पर टेंट सिटी बनाई जा रही है, उसकी बुकिंग साल में दो बार होगी। मार्च से मई और सितंबर से नवंबर तक की बुकिंग की जाएगी। प्रति टेंट चार्ज और बुकिंग की व्यवस्था को लेकर योजना बनाई जा रही है।
पढ़ेंः शिव की नगरी में कुछ ऐसा होगा नए साल का स्वागत, मंदिरों में दर्शन और मां गंगा की होगी आरती
आईआईटी बीएचयू की टीम कर रही है जांच
आईआईटी बीएचयू सिविल इंजनियरिंग विभाग ने कमान संभाल लिया है। विभाग के विषय विशेषज्ञ बालू की वहनीय छमता की जांच में जुट गए हैं। बालू रेत पर खुदाई कार्य में लगे कर्मचारियों ने बताया कि बालू की वहनीय छमता की जांच के लिए 40 फीट गहराई से मिट्टी के नमूने लेने के लिए आधुनिक तकनीक से खोदाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक अस्सी घाट के सामने रेत पर उतरने के लिए जेटी लगाई जाएगी। खुदाई कार्य से जुड़े आशीष गुप्ता ने बताया कि यहां जेटी निर्माण से पहले फाउंडेशन बनाया जाएगा। जेटी निर्माण से पहले आधार संरचना और उसकी बनावट की जांच के लिए मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे और इसकी रिपोर्ट पीडब्लूडी विभाग को सौंप दी जाएगी।
यह भी रहेगी सुविधा
- -हेलीकॉप्टर से काशी दर्शन भी कर सकेंगे।
- -हॉट एयर बैलून में भी घूमने की मिलेगी सुविधा