नई दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का लिडार सर्वे पूरा, जेवर एयरपोर्ट से लेकर एक ही ट्रैक से जुड़ेंगे ये शहर
लाइट डिटेक्शन एंड रेजिंग सर्वे (लिडार) तकनीक से नई दिल्ली-वाराणसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाओं की तैयारियों में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अधिकारियों की टीम जुटी है।
नई दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड कॉरिडोर के तहत प्रस्तावित 800 किमी में नोएडा के जेवर एयरपोर्ट से मथुरा, आगरा, इटावा, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही, वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ा जाना है।
दिसंबर 2020 के अंतिम सप्ताह में लिडार तकनीक से नई दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू हुआ था। फरवरी के पहले सप्ताह में पूरे हुए सर्वे के बाद हेलीकॉप्टर पर लगे उपकरण के सहारे सटीक सर्वेक्षण का आंकड़ा, लेजर आंकड़ा, जीपीएस, उड़ान और तस्वीरों को इकट्टा करके एनएचएसआरसीएल के अधिकारियों की टीम अगली रिपोर्ट तैयार करने में जुट गई है।
उम्मीद है कि जल्द ही वाराणसी में एनएचएसआरसीएल का एक कार्यालय भी खुल जाएगा। इसके बाद भूमि अधिग्रहण को लेकर जिला प्रशासन के संग समन्वय स्थापित कर योजनाओं पर यह टीम कार्य करेगी।
एनएचएसआरसीएल के प्रवक्ता सुषमा गौड़ ने बताया कि नई दिल्ली-वाराणसी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। एरियल लिडार का सर्वे सफल रहा है। आगे की अब अन्य योजनाओं के बाबत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।