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न इलाज, न बेड और न ही ऑक्सीजन की मिल रही जानकारी
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वाराणसी। कोविड हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को क्या इलाज मिल रहा है, सेहत में कितना सुधार है, हॉस्पिटल में कितने बेड हैं, कितने मरीज भर्ती हैं, कितने बेड खाली हैं, ऑक्सीजन की उपलब्धता समेत तमाम जानकारी रोजाना नोटिस बोर्ड पर लगाने के निर्देश सीएम योगी ने 15 दिन पहले दिए थे। लेकिन इस पर कोई भी अस्पताल अमल नहीं कर रहा है। जिसकी वजह से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इलाज से जुड़ी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। सीएम ने कहा था कि मरीज के इलाज से जुड़ी जानकारी सुबह-शाम परिजनों को दी जाए।
सरकारी हो या निजी, कहीं भी डिस्प्ले बोर्ड नहीं
सरकारी में बीएचयू हो या दीनदयाल अस्पताल, ईएसआईसी या निजी अस्पताल। कहीं भी खाली और भर्ती मरीजों की जानकारी, ऑक्सीजन से जुड़ी सूचना वाला डिस्प्ले बोर्ड ही नहीं लगा है। सीएम के निर्देशों के पालन नहीं होने के पीछे की वजह स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी भी है। ऐसे में इस पर अमल नहीं किया जा रहा है।
केस 1
जौनपुर निवासी 46 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज का शिवपुर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों के मुताबिक 5 दिन से अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी अब तक मरीज का क्या इलाज चल रहा है और उन्हें कौन-कौन सी दवाइयां दी जा रही हैं इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। यहां डिस्प्ले बोर्ड भी नहंी है कि ऑक्सीजन आदि की सूचना मिल सके।
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केस दो
भदोही निवासी 48 वर्षीय मरीज का महमूरगंज स्थित एक अस्पताल में इलाज हो रहा है। बेटे के मुताबिक न तो अस्पताल की ओर से नोटिस बोर्ड लगाया गया है और न ही सुबह-शाम मरीजों के सेहत का फीडबैक मिल रहा है। इस तरह की व्यवस्था लागू हो जाए तो बड़ी राहत होगी।
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सरकारी हो या निजी, कहीं भी डिस्प्ले बोर्ड नहीं
सरकारी में बीएचयू हो या दीनदयाल अस्पताल, ईएसआईसी या निजी अस्पताल। कहीं भी खाली और भर्ती मरीजों की जानकारी, ऑक्सीजन से जुड़ी सूचना वाला डिस्प्ले बोर्ड ही नहीं लगा है। सीएम के निर्देशों के पालन नहीं होने के पीछे की वजह स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी भी है। ऐसे में इस पर अमल नहीं किया जा रहा है।
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केस 1
जौनपुर निवासी 46 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज का शिवपुर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिजनों के मुताबिक 5 दिन से अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी अब तक मरीज का क्या इलाज चल रहा है और उन्हें कौन-कौन सी दवाइयां दी जा रही हैं इस बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। यहां डिस्प्ले बोर्ड भी नहंी है कि ऑक्सीजन आदि की सूचना मिल सके।
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केस दो
भदोही निवासी 48 वर्षीय मरीज का महमूरगंज स्थित एक अस्पताल में इलाज हो रहा है। बेटे के मुताबिक न तो अस्पताल की ओर से नोटिस बोर्ड लगाया गया है और न ही सुबह-शाम मरीजों के सेहत का फीडबैक मिल रहा है। इस तरह की व्यवस्था लागू हो जाए तो बड़ी राहत होगी।