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हद है! : जांच रिपोर्ट में न डॉक्टर का नाम, न ही फीस का जिक्र; BHU के CCI लैब का पर्चा देख डॉक्टर भी हैरान

Mon, 21 Oct 2024 12:03 PM IST
अमन विश्वकर्मा रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 21 Oct 2024 12:03 PM IST
सार

Varanasi News : सीसीआई लैब की इस गड़बड़ी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। इस रिपोर्ट में डॉक्टर का नाम भी गायब रहता है। जबकि यहां जांच के लिए एक फार्म भी भरवाया जाता है।

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Neither name of doctor fee mentioned investigation report doctors surprised see prescription of CCI lab of bhu
मरीज को दी जाती है यही पर्ची। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएमएस बीएचयू के सीसीआई लैब में होने वाली जांच की रिपोर्ट में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। बीएचयू अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर द्वारा जांच लिखने पर मरीज सीसीआई लैब में जांच की फीस रसीद संग सैंपल जमा कर रहे हैं। रिपोर्ट में डॉक्टर का नाम गायब रहता है। 

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यहीं नहीं फीस रसीद की जगह भी एनए यानी नॉट अप्लीकेबल लिखा रहता है। इस तरह की रिपोर्ट एक दो नहीं बल्कि नेफ्रोलाॅजी, न्यूरोलॉजी, हृदय रोग विभाग, बाल रोग विभाग सहित अधिकांश विभागों में पहुंच रही है, जिसको देख डॉक्टर भी हैरान हैं। ऐसा इसलिए कि उनकी लिखी जांच, बीएचयू में ही हो रही है फिर रिपोर्ट में नाम क्यों नहीं रहता है।
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बीएचयू सीसीआई लैब में वाराणसी सहित आसपास के जिलों, बिहार तक से आने वाले मरीजों की सामान्य दिनों में करीब 8 हजार से अधिक जांच होती है। अस्पताल में सीसीआई लैब में जो जांच की व्यवस्था है, उसके हिसाब से ओपीडी में डॉक्टर जो भी जांच लिखते हैं, वहां एक जांच का फाॅर्म भरा जाता है। उस पर मरीज का नाम, उम्र, एमआरडी नंबर के साथ ही कौन सी जांच करवानी है, इसको लिखा जाता है। 

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मरीजों को हौती है दिक्कत
इस पर जांच लिखने वाले डॉक्टर के नाम के साथ ही उनकी मुहर भी लगती है। इसके बाद मरीज सीसीआई लैब में बने काउंटर पर जांच की फीस जमा कर उसकी रसीद लेते हैं। खास बात यह है कि सैंपल निकालने और जमा करते समय लैब के काउंटर पर बैठे कर्मचारी भी मरीज से जांच की फीस जमा वाली रसीद देखकर ही आगे की कार्रवाई शुरू करते हैं। इसी पर घेरा लगाकर मरीजों को रिपोर्ट लेने आने के समय उसको लेकर आने को कहा जाता है। 

केस - 1
नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने आईं गाजीपुर की मरीज माया को डॉक्टर ने सीबीसी, एलएफटी, आरएफएटी सहित अन्य जांच लिखी। 26 सितंबर को जो रिपोर्ट मिली, उस पर डॉक्टर का नाम नहीं लिखा था। यहीं शुल्क की रसीद के आगे भी एनए यानी नाट एप्लीकेबल लिखा। 

केस - 2
हृदय रोग विभाग में दिखाने आए जौनपुर निवासी मरीज शिवपाल ने डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने सीबीसी, एलएफटी, आरबीएस, आरएफटी, इलेक्टो आदि जांच लिखी। 03 अक्तूबर को मिली रिपोर्ट में डॉक्टर का नाम नहीं था। रसीद यानी फीस जमा करने की जगह एनए यानी नाट एप्लीकेबल लिखा था। 

बोले अधिकारी
नियमानुसार ओपीडी या वार्ड से जो फाॅर्म भरकर दिया जाता है, उस पर डॉक्टर का नाम होना चाहिए। जहां तक रिपोर्ट में रसीद के आगे एनए यानी नाट एप्लीकेबल लिखा आ रहा है, ऐसा क्यों हो रहा है, इसको दिखवाया जा रहा है। - प्रो. एसपी मिश्रा, प्रभारी, सीसीआई लैब, बीएचयू

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