वाराणसी नगर निगम की लापरवाही: बिना जांच जारी किया मृत्यु प्रमाणपत्र, स्वास्थ्य निरीक्षक समेत तीन को नोटिस
अस्पताल में बिना जांच के ही वाराणसी नगर निगम के कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। सरकारी संस्थान की ओर जांच में यह इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस मामले में नगवां के स्वास्थ्य निरीक्षक गौरीशंकर वार्ष्णेय, वैक्सिनेटर ऋषिकांत शर्मा समेत तीन को चेतावनी पत्र जारी किया है।
उधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एनपी सिंह ने सभी तरह के प्रमाणपत्रों को विधिवत जांच के बाद ही जारी करने का एक आदेश जारी किया है। बनारस के पापुलर अस्पताल में मरने की जानकारी के साथ बमरौली प्रयागराज निवासी कीर्ति श्रीवास्तव ने अपने पति अभिषेक श्रीवास्तव के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।
जनवरी 2022 में नगर निगम ने इसे जारी कर दिया और मृत्यु प्रमाणपत्र को महिला ने लखनऊ के एक सरकारी संस्थान में क्लेम के लिए लगाया। जांच एजेंसी से पड़ताल पर मृत्यु प्रमाण पत्र पर अंकित नंबर पर किसी दूसरे की मृत्यु का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
चौंकाने वाले तथ्य सामने आए
बाद में जांच एजेंसी ने इस मृत्यु प्रमाणपत्र की सत्यता की जांच के लिए नगर निगम में भी पत्र भेजा, जिसके बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। अब तक की जांच में यह पता चला है कि बिना अस्पताल में जांच किए ही जल्दबाजी में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इसमें शामिल कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
स्वच्छतम पोर्टल पर अपलोड करनी होगी जानकारी
शहरी विकास मंत्रालय की स्वच्छतम पोर्टल पर शहर की सफाई से लेकर योजनाओं तक की जानकारी अपलोड करनी होगी। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत यह निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत चौराहों के विकास, तकनीकी उपयोग, कूड़े का उठान, निस्तारण, वेस्ट टू एनर्जी प्लांट आदि की अद्यतन स्थिति को बताना होगा।
इतना ही नहीं शहर से निकलने वाले हैवी मैटेरियल्स के निस्तारण का भी प्लान उसमें शामिल है। पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पोर्टल पर कालोनियों के नाम, संख्या, रेजिडेंस वेलफेयर सोसाइटी, रैन बसेरा, पार्क, चौराहा, व्यापारिक क्षेत्रों के साथ ही नगर निगम की बाउंड्री को भी दर्शाना है।