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UP: लापरवाही ने ली मां-बेटी की जान, गांव वाले बोले- कई दिनों से खंभे में उतर रहा था करंट; जिम्मेदार थे बेपरवाह

Thu, 09 Jul 2026 08:21 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 09 Jul 2026 08:21 PM IST
सार

Ghazipur News: खेत में खरपतवार साफ करते समय बिजली के करंट की चपेट में आने से मां-बेटी की मौत हो गई। मां को बचाने दौड़ी बेटी भी करंट की चपेट में आ गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों से बिजली के खंभे में करंट उतर रहा था, लेकिन शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया।

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Negligence claims lives of mother and daughter villagers say electric pole live for days in ghazipur
सीमा और खुशी की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद

विस्तार

सैदपुर के भीरा बलुवा गांव में बृहस्पतिवार सुबह बिजली निगम की कथित लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। खेत में धान की रोपाई से पहले खरपतवार साफ कर रहीं मां-बेटी की विद्युत पोल के स्टे वायर में उतरे करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने बिजली निगम पर पहले से शिकायत के बावजूद खामी दूर न करने का आरोप लगाया है।

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मृतका के पति राममूरत यादव ने बताया कि भीरा बलुवा गांव निवासी 45 वर्षीय सीमा देवी अपनी सबसे छोटी बेटी 15 वर्षीय खुशी यादव के साथ सुबह करीब नौ बजे खेत में खरपतवार साफ कर रही थीं। खेत के पास लगे विद्युत पोल के स्टे वायर में करंट उतर आया था। 

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बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

सीमा देवी जैसे ही स्टे वायर के पास पहुंचीं, वह करंट की चपेट में आकर उससे चिपक गईं। मां को तड़पता देख कुछ दूरी पर काम कर रही खुशी उन्हें बचाने दौड़ी, लेकिन हाथ पकड़ते ही वह भी करंट की चपेट में आ गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराकर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर जुट गए। कुछ देर तक आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने का विरोध किया। 

सूचना पर एसडीएम ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी और कोतवाल अनिल कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। सैदपुर क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी और उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया के समझाने तथा कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।

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स्थानीय लोगों से पूछताछ करती पुलिस। - फोटो : संवाद

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विद्युत पोल में कई दिनों से करंट उतर रहा था। इसकी शिकायत कई बार बिजली निगम के अधिकारियों से की गई, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि समय रहते खामी दूर कर दी जाती तो मां-बेटी की जान बच सकती थी।

एसडीएम ने परिजनों को सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम से मिलने वाली सहायता के अलावा पात्रता के अनुसार अंत्योदय कार्ड, आवास समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाएगा। 

क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि यदि परिजन बिजली निगम के खिलाफ लिखित शिकायत देते हैं तो मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कोतवाल अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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