नीट फर्जीवाड़ा: जेल में बंद सॉल्वर गैंग के मुख्य सदस्य की जमानत अर्जी खारिज, मास्टरमाइंड के बहनोई पर कसा शिकंजा
नीट सॉल्वर गैंग के मुख्य आरोपी ओसामा शाहिद की जमानत अर्जी शनिवार को खारिज कर दी गई। इस मामले में गैंग के मास्टरमाइंड नीलेश उर्फ पीके समेत 11 लोग वाराणसी की जेल में बंद है। पीके के बहनोई के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त ने पत्र लिखा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी जिला जेल में निरूद्ध नीट सॉल्वर गैंग के मुख्य आरोपी ओसामा शाहिद की जमानत अर्जी सत्र न्यायाधीश ने शनिवार को खारिज कर दी। केजीएमयू लखनऊ के छात्र ओसामा के अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की। वहीं गैंग के मास्टरमाइंड नीलेश उर्फ पीके के बहनोई रितेश सिंह पर पुलिस ने शिकंजा कसा है।
उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस आयुक्त ने बिहार के प्रमुख सचिव संस्कृति को पत्र लिखा है। पटना सचिवालय में लिपिक रितेश की आय से अधिक संपत्ति, बेनामी संपत्ति का ब्यौरा जुटाने के लिए पत्र लिखा गया है।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के मुताबिक 12 सितंबर को सारनाथ के सोनातालाब स्थित परीक्षा केंद्र से नीट फर्जीवाड़े में सॉल्वर गैंग की सदस्य जूली कुमारी और उसकी मां बबिता गिरफ्तार हुई थी। तफ्तीश में सामने आया कि मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना थाना अंतर्गत शेखवाड़ा निवासी ओसामा शाहिद केजीएमयू लखनऊ में एमबीबीएस अंतिम वर्ष का छात्र है।
असली परीक्षार्थी के स्थान पर सॉल्वर बिठाने का लिया था जिम्मा
उसने नीट में असली परीक्षार्थी के स्थान पर सॉल्वर जूली कुमारी को बैठाकर परीक्षा पास कराने का जिम्मा लिया था। इसके लिए 25 से 30 लाख रुपये की डील हुई थी। ओसामा के कहने पर बिहार के खगड़िया निवासी विकास महतो ने बीएचयू की बीडीएस छात्रा जूली कुमारी के भाई अभय प्रताप को पांच लाख रुपये का लालच देकर बहन को सॉल्वर बनने के लिए तैयार कराया था।
अब तक गिरफ्तार 11 आरोपी
पढ़ेंः अखिलेश सरकार में मंत्री रहे नेता का दावा, समाजवादी पार्टी ने की थी काशी विश्वनाथ धाम की शुरुआत
30 से 50 लाख रुपये में होती थी डील
पुलिस आयुक्त के मुताबिक 18 नवंबर को मास्टरमाइंड पटना निवासी नीलेश कुमार उर्फ पीके और उसके बहनोई पटना सचिवालय में लिपिक रितेश सिंह उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया था। तब से दोनों जेल में बंद है।
तफ्तीश में सामने आया कि नीट की परीक्षा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य के शिक्षक परीक्षा व उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के साथ-साथ बिहार पुलिस और अन्य सेवाओं में पीके अपने बहनोई रितेश उर्फ सोनू के साथ मिलकर इन सभी परीक्षाओं में पेपर आउट करा कर या सॉल्वर की व्यवस्था करा कर परीक्षा में पास कराता है।
नीट की परीक्षा में यह 30 से 49 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी वसूलते थे। अपराध से अर्जित पैसे से पटना में तीन मंजिला मकान व दानापुर में दो जगह 4 से 5 बिस्वा की जमीन को खरीद रखा है। लग्जरी गाड़ियां भी है।
पढ़ेंः मोबाइल चोरी का आरोप नहीं झेल सका छात्र, ट्रेन के सामने कूदकर दी जान
रितेश की पत्नी भी है सरकारी डॉक्टर
इसका विवाह नीलेश उर्फ पीके की बहन डॉक्टर प्रिया से वर्ष 2014 में हुआ। डॉक्टर प्रिया ने आईजीआईजीआईएमएस पटना से 2019 में एमबीबीएस पूर्ण किया है। वह वर्तमान में नगरा ब्लॉक, सारन छपरा में पीएचसी में संविदा पर नियुक्त है।
पढ़ेंः दहेज के लिए पूर्व सांसद की बेटी को घर से निकाला, पति, सास-ससुर समेत छह के खिलाफ मुकदमा
नीट सॉल्वर गैंग: अब तक इनकी हुई गिरफ्तारी
2. बबिता
3. डॉ ओशामा शाहिद
4. अभय कुमार मेहता
5. विकाश महतो
6. राजू कुमार
7. नीलेश उर्फ पीके
8. रितेश कुमार
9. तपन शाहा
10. कन्हैया लाल
11. क्रांति कौशल
इन आरोपियों की तलाश जारी
1. डॉ अफरोज़
2. डॉ प्रिया
3. डॉ गणेश
4. हिना विस्वाश
5. मृत्युंजय देवनाथ
6. दिव्यज्योति नाग उर्फ देबू
7. आशुतोष राज
8. मुन्तजिर
9. प्रवीण
10. प्रमोद
11. हामिद रजा
12. पीयूष
13. चंदन
14. संजीव