बाढ़ आपदा में हैं फंसे, एनडीआरएफ करेगी मदद, यूपी में बारह टीमें तैनात
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यूपी में मानसून सक्रिय होने के साथ ही नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे कई इलाकों में बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में सूबे को बाढ़ आपदा से बचाने के लिए एनडीआरएफ आगे आई है। इसके लिए एनडीआरएफ ने 12 टीमों का गठन किया है।
वारणसी में 11 एनडीआरएफ के कार्यालय में बुधवार को यह जानकारी कमांडर आलोक कुमार सिंह ने दी। 11 एनडीआरएफ के कमांडर ने कहा कि इन टीमों को लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, इलाहाबाद, मिर्जापुर, बलिया और महाराजगंज सहित बाढ़ के मद्देनजर अन्य संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है।
इसके साथ ही वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर और भोपाल में एनडीआरएफ की ओर से चौबीसों घंटे खुले रहने वाले क्षेत्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूमों के संपर्क में भी एनडीआरएफ की टीमें निरंतर रहेंगी।
कमांडर आलोक कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में बाढ़ से पिछले वर्ष 450 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की संपत्ति का नुकसान और जनहानि हुई थी। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में बारिश से पहले ही बैठक कर सजगता बरतने और बाढ़ प्रबंधन का निर्देश दिया था।
इसी क्रम में एनडीआरएफ चेन्नई की दो अतिरिक्त टीमें इलाहाबाद और लखनऊ में तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में बाढ़ आपदा से निबटने के लिए जिला प्रशासन के साथ ही आमजन को जागरूक किया गया है।
एनडीआरएफ की टीमें सभी जिलों के पुलिस और प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। जहां कहीं भी हमारी आवश्यकता होगी वहां हमारे जवान तत्काल पहुंचेंगे और तत्परता के साथ राहत व बचाव का काम करेंगे।
मोबाइल टॉवर काम करना बंद कर देंगे तब भी नहीं होगी दिक्कत
11 एनडीआरएफ के कमांडर ने बताया कि बाढ़ के दौरान मोबाइल टॉवर काम करना बंद कर देंगे तब भी हमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। हमारी टीमें हाई फ्रीक्वेंसी नेटवर्क सिस्टम के साथ तैनात रहेंगी जो मोबाइल टॉवर के काम न करने पर भी बातचीत में दिक्कत नहीं होने देगा।
बताया कि इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार बाढ़ के दौरान पशुओं के लिए भी राहत शिविर खोले जाएंगे। इसके अलावा बाढ़ से पहले गोरखपुर, लखनऊ, चंदौली और वाराणसी जिले में आरोग्य से आपदा प्रबंधन के तहत एनडीआरएफ ने चिकित्सा शिविर लगाकर डेढ़ लाख से अधिक लोगों का इलाज किया है।