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BHU: एनसीईआरटी निदेशक बोले- भारत की डिजिटल शिक्षा होगी मजबूत, शैक्षिक ढांचों पर पुनर्विचार की जरूरत

Thu, 27 Nov 2025 06:30 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 27 Nov 2025 06:30 PM IST
सार

बीएचयू में एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने पूर्व कुलपति प्रो. वाईसी सिम्हाद्री को याद किया। कहा कि महामारी ने राष्ट्रीय शैक्षिक प्राथमिकताओं को नया रूप दिया। 

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NCERT Director said India digital education will strengthened educational structures need to be reconsidered
बनारस हिंदी विश्वविद्यालय, BHU - फोटो : X (@bhupro)

विस्तार

बीएचयू में एनसीईआरटी के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने एक संगोष्ठी में कहा कि शैक्षिक ढांचों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। डिजिटल एजुकेशन की संरचना को मजबूत करना होगा। वहीं, महामारी के बाद के भारत में समावेशी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि महामारी ने राष्ट्रीय शैक्षिक प्राथमिकताओं को नया रूप दिया है। इससे नवाचार के लिए चुनौतियां और अवसर दोनों सामने आए हैं।

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प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने बुधवार को बीएचयू के केएन उडुप्पा सभागार में बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. वाई सी सिम्हाद्री की स्मृति पर आधारित एक संगोष्ठी में अपने विचार रखे। इस दौरान कोविड-19 के निहितार्थ सीखे गए सबक और आगे की राह विषय पर प्रोफेसरों ने मंथन किया। संगोष्ठी का आयोजन नोमुरा ट्रस्ट फॉर लाइफ लॉन्ग इंटीग्रेटेड एजुकेशन और बीएचयू के इंडिया और सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल इंक्लूजन की ओर से किया गया।
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महामारी उच्च शिक्षा के लिए थी सबक
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि बीएचयू में अनुशासन बहाल करने और विश्वविद्यालय को नए सिरे से शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर ले जाने में प्रो. वाईसी सिम्हाद्री का बड़ा योगदान रहा। कोविड-19 महामारी से सीखे गए सबक उच्च शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों के भविष्य का मार्गदर्शन करेंगे।
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मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर प्रस्तुत किया शोध पत्र
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहंस), बंगलूरू की प्रो. आरती जगन्नाथन ने मनोरोग और मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर शोध प्रस्तुत किया। पैनलिस्ट में पूर्व कुलपति प्रो. एसवी सुधाकर और विधि संकाय की प्रो. विभा त्रिपाठी के पैनल ने संस्थागत कार्यों, डिजिटल चेंज, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं सहित कोविड-19 के बाद भारत के उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए रणनीतियों पर विचार किया। दूरसंचार विभाग के पूर्व उप महानिदेशक वाईवी शास्त्री और सामाजिक समावेश अध्ययन केंद्र के डॉ. अमरनाथ पासवान ने दिया। प्रो. जेबी कोमारैया की अध्यक्षता में एक पैनल चर्चा के साथ हुई। संचालन आंध्र प्रदेश के द्रविड़ विवि के पूर्व कुलपति और एनआईटी श्रीनगर के पूर्व निदेशक प्रो. सुधाकर येदला ने किया।

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